प्रताड़ित करनें वाले बैंक कर्मचारी बेखौफ घूम रहे, थानें में शिकायत
तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग



शहडोल। बीते शुक्रवार को बुढार रेल्वे स्टेशन में चंदिया चिरमिरी पैसेंजर ट्रेन के सामनें कूदकर आत्महत्या करनें वाले कियोस्क संचालक आशीष त्रिपाठी के मौत के चार दिन बीत जानें के बाद भी दोषियों पर कार्यवाही न किये जानें से नाराज मृतक के भाई सहित बुढार नगर के सैकडों युवाओं नें सोमवार को थानें में मृतक के भाई के साथ जाकर दोषियों पर जांच कर कार्यवाही किये जानें की मांग की है और निष्पक्ष कार्यवाही के लिये एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा है। मृतक के भाई आनंद त्रिपाठी नें इस घटना के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुये बताया कि उसका भाई आशीष बेहद समझदार था, ओल कियोस्क बैंक का सफल संचालन कर रहा था। लेकिन यूनियन बैंक बुढार शाखा के कुछ कर्मचारी उसपर जबरन लोन की रिकवरी निकालकर प्रताड़ित कर रहे थे। पीडित नें बताया कि उसकी अपनें भाई से घटना के ठीक एक दिन पहले ही मोबाइल से बात हुई थी, और उसनें अपनी पीड़ा बताते हुये जानकारी दी थी कि बैंक कर्मचारी उससे लगातार 11 लाख 80 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं और न दिये जानें पर उससे फंसानें की धमकी दे रहे हैं। उसके कियोस्क का संचालन भी बंद करा दिया गया था, जिससे वह मानसिक रुप से बेहद परेशान था, और इन्ही परेशानियों से तंग आकर वह आत्मघाती कदम उठानें पर विवश हुआ!
मौत के ठीक पहले वीडियों डाल बताई थी आपबीती, प्रशासन से की थी कार्यवाही की मांग
इस घटना से जहां पीडित परिवार गहरे सदमें में हैं, गौरतलब है कि मृतक आषीष नें आत्मघाती कदम उठानें के ठीक पहले अपनें What’s up स्टेटस पर एक वीडियो डाल यूनियन बैंक के कर्मचारी अमित सिंह, शिवम शाह व मरजाद निवासी अजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाये थे। पीडित नें डाले गये वायरल वीडियों में बुढार शाखा में पदस्थ दो कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुये कार्यवाही की मांग की थी। लेकिन उक्त कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्यवाही न हो सकी है।
जीआरपी पर जांच का हवाला देकर जांच से दूरी बना रही स्थानीय पुलिस
उक्त घटना के संबंध में मृतक के भाई नें दोषियों पर कार्यवाही किये जानें की मांग करते हुये बुढार थानें में शिकायत दर्ज कराई है वहीं बुढार पुलिस नें मामले पर जीआरपी द्वारा जांच किये जानें की बात कही है। पीडित नें कहा कि घटना की जांच भले ही जीआरपी द्वारा की जा रही है लेकिन उसके द्वारा वीडियों साक्ष्य के आधार पर पृथक से शिकायत कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की जा रही है, जिसपर पुलिस को एक्शन लेना चाहिये, और जांच की दिशा को आगे बढाते हुये जिनके भी नाम सामनें आ रहे हैं उनसे पूछताछ करनी चाहिये।
जानिये कौन है मरजाद का अजय,क्यों आ रहा नाम सामनें
इस पूरे मामले में मरजाद निवासी अजय सिंह नामक शख्स का नाम भी सामनें आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि अजय सिंह बैंक कर्मचारियों से सांठ – गांठ कर लोगों को लोन दिलानें का लंबे समय से कार्य कर रहा था। सूत्रों नें बताया कि बैक कर्मचारियों से मिलीभगत कर अजय सिंह मृतक आशीष पर पैसे की आदयगी पर भी दबाव डाल रहा था।इतना ही नहीं घटना के ठीक एक किन पहले अजय मृतक आशीष के साथ घंटों तक उसकी दुकान में था।
कांग्रेस नें दी आंदोलन की चेतावनी
इस मामले पर निष्पक्ष जांच किये जानें की मांग को लेकर कांग्रेस नें भी ज्ञापन सौंप अविलंब कार्यवाही किये जानें और आत्महत्या के लिये प्रेरित करनें वाले बैंक कर्मचारियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किये जानें की मांग की है। वहीं कार्यवाही न किये जानें पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
