
आगा चौक में प्रदर्शन प्रशासन की दी एक सप्ताह की चेतावनी
जबलपुर। शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक आगा चौक अब ट्रांसपोर्टरों के अवैध कब्जे के कारण गंभीर यातायात संकट का सामना कर रहा है। इस संकट का असर शहर के अन्य प्रमुख मार्गों जैसे दमोहनाका, रानीताल चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, बड़ा फुहारा और गढ़ाफाटक, लिंक रोड, बड़ा फुहारा उससे जुड़े सभी मार्गों पर साफ तौर पर देखा जा सकता है। इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चालकों, यात्रियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आगा चौक चौराहे पर ट्रांसपोर्टरों द्वारा भारी वाहनों का अवैध पार्किंग किए जाने की समस्या नई नहीं हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों में ट्रांस्पोर्टर की मनमानी ने समस्या और जन आक्रोश दोनों को कई गुना बढ़ा दिया है.
हर दिन सुबह से देर रात तक ट्रांसपोर्टर्स अपने लोडिंग फोरव्हीलर, 407 ट्रक और बड़े ट्रकों को दोनों दिशा में खड़ा कर देते हैं, जिससे सड़क बाधित हो जाती है। परिणामस्वरूप, न केवल आगा चौक, बल्कि दमोहनाका चौक और रानीताल चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लगने लगती हैं। इस स्थिति के कारण इन मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है, जिससे नागरिकों को समय की बर्बादी और सुरक्षा जोखिम का सामना करना पड़ता है।
आगा चौक में प्रदर्शन…
आगा चौक के बड़े हिस्से में ट्रांसपोर्टरों के कब्जे से परेशान नागरिकों का सब्र अब टूटने लगा है। क्षेत्रीय पार्षद संतोष पंडा के नेतृत्व में गुरुवार को आगा चौक में बड़ा प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में विधायक लखन घनघोरिया, बाबू विश्वमोहन, रूपेंद्र पटेल, आयोध्या तिवारी, अभिषेक यादव, रीतेश अग्रवाल, मुकेश राठौर, श्रीमति कमलेश यादव, पंकज पांडे, सविता दुबे, मनोज नामदेव सहित कांग्रेस पार्षद, पार्टी पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में आमजन एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे. यहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, अगर इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो हम बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
समाधान नहीं तो, आंदोलन की चेतावनी….
गुरुवार को हुये प्रदर्शन में क्षेत्रीय पार्षद संतोष पंडा ने कहा, आगा चौक के आसपास की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। छोटी छोटी ट्रांस्पोर्ट की दुकान खोलकर 20-20 बड़ी गाड़ियों को अटैच कर लिया गया. जिससे आज स्थिति यह है एक मैय्यत भी अगर यहां से निकले तो रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है. जब शहर के हर प्रमुख चौराहे बना दिये गये हैं और व्यवस्थित कर दिये गये हैं, तब आगा चौक को क्यों ट्रांस्पोर्टरों की मनमानी के लिये छोड़ दिया गया है. हम प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का समाधान करें। अगर इसका समाधान नहीं हुआ, तो हम बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं।
