
शाम पांच बजे तक महाराष्ट्र में 58.22 प्रतिशत मतदान
मुंबई। महाराष्ट्र की 15वीं विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को मतदान संपन्न हुआ। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और शाम 6 बजे बंद हुआ। इस प्रकार विधानसभा की 288 सीटों के 4134 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटी में बंद हो गया जो शनिवार 23 नवंबर को खुलेगा। शाम पांच बजे तक महाराष्ट्र में 58.22 प्रतिशत मतदान होने की खबर है। खबर लिखे जाने तक चुनाव आयोग ने अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया था। इस चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर है। अगले पांच साल के लिए देश के अग्रणी राज्य महाराष्ट्र की बागडोर किस राजनीतिक गठबंधन को सौंपी जाए इसके लिए राज्य के साढ़े नौ करोड़ से अधिक मतदाताओं का फैसला वोटिंग मशीनों में बंद हो गया। महायुति, महाविकास अघाड़ी और छोटे-बड़े राजनीतिक दलों की परीक्षा लेने वाले इस चुनाव में कई दिग्गज नेताओं और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने की पूरी तैयारी की थी और छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। हालांकि, मतदान से कुछ घंटे पहले राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाओं और मतदाताओं को पैसे का लालच देने की घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग के सामने शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती रही। राज्य में पिछले एक महीने से चुनाव प्रचार चल रहा था और भाजपा महायुति सत्ता की चाबी अपने पास रखने के लिए पुरजोर कोशिश की। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद आत्मविश्वास से भरी महा विकास अघाड़ी फिर से सत्ता हासिल करने के लिए जी तोड़ मेहनत की है। कुछ अपवादों को छोड़कर राज्य में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।
113 साल की बुजुर्ग महिला ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग
मुंबई से सटे ठाणे में 113 साल की एक बुजुर्ग महिला ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिला का नाम विठाबाई दामोदर पाटिल है। दिलचस्प बात यह है कि महिला ने चुनाव आयोग के गृह मतदान की सुविधा ना लेकर मतदान केंद्र पर जाकर मतदान की। इस प्रकार उन्होंने सभी मतदाताओं के लिए एक मिसाल कायम किया है।
5 लाख से अधिक कर्मचारियों ने संपन्न करवाया मतदान
इस पूरी मतदान प्रक्रिया के लिए राज्य भर में 5 लाख से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया था। राज्य में 9 करोड़ 70 लाख 25 हजार 119 मतदाताओं द्वारा मतदान के लिए राज्य भर में 1 लाख 427 मतदान केंद्र तैयार किये गये थे। मतदाताओं में पुरुष मतदाता 5 करोड़ 22 हजार 739 हैं, जबकि महिला मतदाता 4 करोड़ 69 लाख 96 हजार 279 हैं। वहीं 6 हजार 101 तृतीय पंथी मतदाता हैं। इस बार विधानसभा की 288सीटों के लिए चुनाव मैदान में कुल 4 हजार 136 उम्मीदवार हैं। जिसमें 3771 पुरुष, 363 महिलाएं और अन्य 2 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में महिला मतदाताओं की कुल संख्या 4 करोड़ 69 लाख 96 हजार 279 है। इसमें पांच जिलों रत्नागिरी, नंदुरबार, गोंदिया, भंडारा और सिंधुदुर्ग में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष से अधिक है। जबकि 6,101 तृतीय पंथी मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। दिव्यांग मतदाताओं की कुल संख्या 6,41,425 और सैन्य बल में मतदाताओं की संख्या 1,16,170 है।
मतदान के लिए 2,21,600 बैलेट यूनिट
विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध करवाई गई थी और पर्याप्त स्टॉक भी था। महाराष्ट्र विधानसभा आम चुनाव 2024 के अनुसार, 1,00,427 मतदान केंद्रों के लिए लगभग 2,21,600 मतपत्र इकाइयां (221 प्रतिशत), 1,21,886 नियंत्रण इकाइयां (122 प्रतिशत) और 1,32,094 वीवीपैट (132 प्रतिशत) हैं और कुल प्रथम लेवल निरीक्षण मशीनें उपलब्ध थी, जिनमें से 5166 बैलेट यूनिट, 5166 कंट्रोल यूनिट और 5165 वीवीपैट मशीनों का उपयोग प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए किया गया है।
1 लाख से ज्यादा मतदान केंद्र
विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग के माध्यम से राज्य भर में 1 लाख 427 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदाता आसानी से वोट डाल सकें, इस दृष्टि से राज्य में मतदान केंद्रों को सुव्यवस्थित किया गया था। खासकर बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा का ख्याल रखा गया। राज्य में सबसे अधिक मतदान केंद्र पुणे जिले में था। पुणे में 8 हजार 462 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इसके बाद मुंबई उपनगर में 7 हजार 579, ठाणे में 6 हजार 955, नासिक में 4 हजार 922 और नागपुर में 4 हजार 631 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस वर्ष राज्य में मुख्य मतदान केंद्रों की संख्या 1 लाख 186 रही, जिनमें से 42 हजार 604 शहरी क्षेत्र में और 57 हजार 582 ग्रामीण क्षेत्र में थी। जबकि सहायक मतदान केन्द्रों की संख्या 241 रही। पिछले कुछ चुनावों की तुलना में मतदान केंद्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी की गई।
