Spread the love

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में न्यायालय के आदेश पर सर्वे करने गई टीम पर पथराव के बाद हुए बवाल में गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर पांच हो गई है। पुलिस ने संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और संभल के विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल पर हिंसा भड़काने की रिपोर्ट दर्ज की है। लगभग 400 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं जामा मस्जिद के इमाम को हिरासत में ले लिया गया है। शहर में सुरक्षा बल की टुकड़ियां लगातार गश्त कर रहे हैं। तहसील क्षेत्र में एहतियात के तौर पर शिक्षण संस्थानों को आज बंद रखा गया है और अफवाह से बचाव के लिए फिलहाल इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई है। पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है।
गौरतलब है कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रविवार को जामा मस्जिद में सर्वे करने गयी टीम को देखकर समुदाय विशेष के लोग उग्र हो गये थे। बवाल इतना बढ़ गया कि उपद्रवी और पुलिस आमने-सामने आ गए और जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी हुई। उपद्रव के दौरान अनेकों वाहनों को आग़ के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक के पीआरओ के पैर में गोली लगी। डीआईजी, डीएम और एसपी आदि अनेकों पुलिसकर्मी घायल हो गए तथा एक डिप्टी कलेक्टर का पैर टूट गया। उपद्रव में पांच नागरिकों मोहल्ला कोट तवेला निवासी नईम (35), फ़तेहउल्लाह सराय निवासी बिलाल (22), हयातनगर निवासी रोमान (40), तुतीपुर इला निवासी कैफ (19) एवं कोर्ट गर्वी निवासी अयान (19) की मौत हो गई। उपद्रव में मारे गए लोगों के परिजनों ने पुलिस की गोली से लोगों के मरने का आरोप लगाया है। वहीं मंडलायुक्त अनंजय कुमार सिंह ने कुछ लोगों की गोली लगने से मौत होने की पुष्टि तो की लेकिन साथ ही कहा कि गोली पुलिस ने नहीं चलाई है।
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना में जो बात आयेगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बर्क द्वारा पूर्व में दिये गये भड़काऊ बयान पर उन्हें नोटिस दिया गया था। उनके पिता ममलूकुर रहमान का 10 लाख का मुचलका भरवाया गया था। विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने संभल हिंसा मामले में अब तक कुल सात मुकदमे दर्ज किये हैं जिनमें छह नामजद और 2750 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। अब तक कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि वारदात की सीसीटीवी तथा अन्य वीडियो फुटेज का अध्ययन कर दंगाइयों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि दंगाइयों के बारे में सूचना देने वालों को इनाम दिया जाएगा और जितने भी लोगों पर मुकदमा है उन सबको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हिंसा में मारे गये युवकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट संबंधी सवाल पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह विवेचना का सवाल है। अभी वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
इस बीच, बवाल को देखते हुए संभल तहसील क्षेत्र की इंटरनेट सेवा रविवार को दोपहर से अगले चौबीस घंटे के लिए बंद कर दी गई तथा सोमवार को तहसील क्षेत्र के अंतर्गत के स्कूलों को भी बंद कर दिया गया। एक दिसंबर तक बिना अनुमति के संभल में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आसपास के जनपदों मुरादाबाद, अमरोहा आदि से भी पुलिस बल को बुलाकर संभल में तैनात किया गया है। हिंसा पभावित इलाकों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। जगह-जगह बेरीकेटिंग की गई है। फिलहाल सभल में तनावपूर्ण शांति है। हिंसा के आरोप में पुलिस ने दो महिलाओं सहित डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 400 से अधिक लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा है कि उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी कैमरे आदि की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उपद्रव में शामिल लोगों पर एनएसए आदि की सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विदित हो कि एक स्थानीय अदालत के आदेश पर गत मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था। रविवार को सर्वेक्षण करने वाली टीम दोबारा मस्जिद का सर्वे करने गई थी। स्थानीय अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *