

दमोह : बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के शुभारम्भ एवं “हम होंगे कामयाब एक दिन” पखवाडा के अवसर पर शासकीय कन्या शाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग दमोह के द्वारा संकल्प समाज सेवी संस्था एवं ममता एचआईएमसी संस्था के सहयोग से किया गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पल्लवी और प्राची ठाकुर ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर किया। पीएम श्री कॉलेज से दिशा पटेल ने बाल विवाह पर अपना उद्बोधन दिया। इस अवसर पर अंकिता आहूजा ने कानून के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया की बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 वर्ष से पहले बालिका की एवं 21 वर्ष से पहले बालक की शादी करना कानूनन अपराध हैं, इसके तहत इस शादी में शामिल प्रत्येक वह व्यक्ति जो सेवाएं या सहयोग दे रहे हैं, अपराधी है, जिसमे 2 वर्ष तक की कठोर कारावास एवं 1 लाख तक का जुर्माना का प्रावधान हैं।

इस अवसर पर बालिकाओं की शासन एवं प्रशासन में बढती भूमिका एवं उपलब्धियां और उनके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राजीव अयाची ने बाल विवाह रोकने पर अपने विचार विस्तार से रखें। स्वागत भाषण एवं आयोजन का प्रयोजन जिला समन्वयक देवेंद्र दुबे ने प्रस्तुत किया गया। जिला समन्वयक वीरेंद्र जैन द्वारा बाल विवाह पर जिले में एनएफएचएस 5 के अनुसार स्तिथि पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह मुक्त भारत, बाल विवाह मुक्त मध्यप्रदेश, बाल विवाह मुक्त दमोह बनाने हेतु बाल विवाह के खिलाफ समस्त प्रतिभागियों द्वारा शपथ ग्रहण की गई। साथ ही छात्रों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग सहायक संचालक संजीव मिश्रा, विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, संकल्प समाजसेवी संस्था के जिला समन्वयक देवेंद्र दुबे, राजीव अयाची, अंकित आहूजा, प्राचार्य नरेश अहिरवार, बाल संरक्षण अधिकारी अनंतराम, वीरेंद्र जैन, शरद मिश्रा, विष्णु शर्मा, विपिन तिवारी, एच एल अहिरवाल, रीना चौरसिया, नीलू जैन, रामरतन विश्वकर्मा, वीरेंद्र दुबे एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विपिन चौबे और आभार समाज सेवी सुजात खान ने व्यक्त किया।
