नई दिल्ली। यूपी के सुल्तानपुर में पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर सियासी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े उठाए हैं। इसमें अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने इस घटना को लेकर बीजेपी और योगी सरकार को घेरा है।
बता दें कि गुरुवार को एसटीएफ ने एक लाख के इनामी बदमाश को मार दिया था। आरोपी का नाम मंगेश यादव था जो सर्राफा व्यापारी के यहां दो करोड़ की लूट में शामिल था। राहुल गांधी ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में ‘कानून और संविधान’ की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुल्तानपर में हुए मंगेश यादव के एनकाउंटर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बीजेपी कानून पर विश्वास ही नहीं करती। मंगेश के परिवार के आंसू पूरे देश से सवाल पूछ रहे हैं-कौन जिएगा और कौन नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी या पुलिस?
एसटीएफ जैसी प्रोफेशनल फोर्स को बीजेपी सरकार में ‘आपराधिक गिरोह’ की तरह चलाया जा रहा है, जिसपर केंद्र सरकार की चुप्पी ‘ठोको नीति’ पर उनकी स्पष्ट सहमति है। यूपी एसटीएफ के दर्जनों एनकाउंटर सवालों के घेरे में हैं। क्या आज तक उनमें से किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई हुई? आखिर कौन उन्हें बचा रहा है और क्यों? कैमरों के आगे संविधान को माथे से लगाना सिर्फ ढोंग है, जब आपकी सरकारें ही उसकी खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हों। यूपी में हुए सभी संदिग्ध एनकाउंटर्स की निष्पक्ष जांच कर इंसाफ किया जाना चाहिए। वर्दी पर लगे खून की छींटें साफ होने चाहिए।
अखिलेश यादव ने भी सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर यूपी सरकार पर पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि लूट कांड के अन्य आरोपियों के तो पैर में गोली मारी गई, लेकिन मंगेश की पुलिस से मुठभेड़ हुई तो उसकी जान ले ली। अखिलेश ने आरोप लगाया कि जाति देखकर जान ली है। सपा मुखिया ने एक्स पोस्ट में लिखा-लगता है सुल्तानपुर की डकैती में शामिल लोगों से सत्ता पक्ष का गहरा संपर्क था, इसीलिए तो नकली एनकाउंटर से पहले ‘मुख्य आरोपी’ से संपर्क साधकर सरेंडर करा दिया और अन्य लोगों के पैरों पर सिर्फ दिखावटी गोली मारी और ‘जात’ देखकर एक की जान ली गई।
बता दें कि बीते 28 अगस्त को सुल्तानपुर शहर में चौक क्षेत्र के ठठेरी बाजार में भरत सर्राफा के करोड़ों की लूट हुई थी। लुटेरों ने दो करोड़ से ज्यादा के गहने लूटे थे। इसी बीच एसटीएफ ने मंगेश यादव को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। मृतक के परिजनों ने भी इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए थे।

