

पाढूंर्णा- हौसले अगर बुलंद हो तो मंजिले आसान हो जाती हैं,कुछ कर गुजरने का जज्बा अगर हम में हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता|जिंदगी हर पल इम्तिहानो से होकर गुजरती है,कदम-कदम पर मुश्किलों का सामना होता है और मुश्किलों से भाग जाना तो आसान होता हैं| साथ ही सामना करने वालों के कदमों में सारा जहां होता है| ‘किसी ने खूब कहा है,’तारों में अकेला चांद जगमगाता हैं, ‘मुश्किलों में अकेला इंसान डगमगता है,’हमें कांटों से घबराना नहीं चाहिए,’क्योंकि कांटों में भी गुलाब मुस्कुराता है’|कुछ ऐसी ही शख्सियत है पूर्व न्यायधीश प्रकाश भाऊ उईके जो सामाजिक सेवा में सदैव तत्पर होकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन निस्वार्थ भाव से करते हैं और कर रहे हैं|ऐसा ही सामाजिक दायित्व निभाने का कार्य प्रकाश भाऊ उईके हेल्प ग्रुप पांढुर्णा द्वारा किया जा रहा हैं| मिली जानकारी के अनुसार पांढुर्णा तथा ग्रामीण क्षेत्र के नेत्र पीड़ितों के लिए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन देव जी नेत्रालय के सहयोग से प्रति शुक्रवार जिला कार्यालय में किया जा रहा है|इसी तारतम्य में गत शुक्रवार को जिला पांढुर्णा स्थित कार्यालय में प्रकाश भाऊ उईके हेल्प ग्रुप के सहयोग से देवजी नेत्रालय द्वारा आयोजित नि:शुल्क परिक्षण शिविर में लगभग 40 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया|जिसमें मोतियाबिंद से पीड़ित 30 मरीज पाये गये,जिनका निशुल्क ऑपरेशन किया गया| इसके पश्चात समस्त मरीजों को उनके घर पहुंचाया गया है|गौरतलब हो कि विगत 2 वर्षों से पूर्व न्यायधीश प्रकाश भाऊ उईके के प्रयासों से निशुल्क नेत्र परिक्षण शिविर निरंतर हर शुक्रवार को जिला कार्यालय पांढुर्ना में आयोजित हो रहा है,जिसमें जनजाति क्षेत्र के लोगों को निशुल्क सेवा दी जा रही है उनके इस पुनीत कार्य में प्रकाश सीहकर,यशवंत बारंगे,यादव राव डोबलै, लक्ष्मण कपले सहित समस्त कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है ऐसे में पांढुर्णा क्षेत्र की जनजाति के लोगों के जीवन में प्रकाश भाऊ हेल्प ग्रुप एक प्रकाश की किरण बना हुआ है |
