
मुख्यमंत्री को विरोध स्वरूप फूल भेंट करने से पहले ही युवा कांग्रेसियों को कर लिया गिरफ्तार…..
नर्मदापुरम । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव के आयोजन को लेकर शनिवार को नर्मदापुरम आगमन हुआ था। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर युवा कांग्रेस सहित एनएसयूआई द्वारा नर्मदा लोक सहित अवैध गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाए जाने, अधिकारियों की मनमानी सहित मांगो को लेकर विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री को फूल भेंट किए जाने की घोषणा शुक्रवार को की गई थी। शनिवार को मुख्यमंत्री के आगमन से पहले युवा कांग्रेस – एनएसयूआई नर्मदापुरम के 14 नेताओं को सुबह करीब साढ़े 11 बजे सराफा चौक से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव रोहन जैन,वरिष्ठ नेता अजय सैनी , प्रदेश सचिव गुलाम मुस्तफा , नगर अध्यक्ष सत्यम तिवारी प्रदेश सचिव एनएसयूआई आफरीद खान कॉलेज अध्यक्ष अभय सैनी , पीयूष जैन , प्रवीण दुबे , अंकुश जैन , विकास आर्य,विनय मालवीय , अंकित दुबे, शिवम् साहू, फरदीन खान आदि को सिटी कोतवाली पुलिस बल ने फूल देने आगे बढ़ते ही गिरफ्तार कर कांग्रेस नेताओं को पथरौटा थाने में रखा गया। कांग्रेस नेता रोहन जैन ने बताया करीब 7 घंटे बाद पथरौटा थाने से सभी कांग्रेसियों को रिहा किया गया। अवगत हो कि शुक्रवार को युवा कांग्रेस सहित एनएसयूआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में अवगत कराया गया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदापुरम आकर नर्मदा लोक एवं अन्य बेहतर सुविधाओं के संबंध में निरंतर झूठी घोषणा की गई। जिनको आज तक पूरा नहीं किया जा सका। वर्तमान में एक बार फिर भाजपा सरकार बनी,जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बनाए गए। लेकिन उनके कार्यकाल में भी यह क्षेत्र विकास के नाम पर अछूता नजर आ रहा है। चाहे बात हो नर्मदालोक की या मां नर्मदा में मिल रहे गंदे नाले की, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की, युवाओं के रोजगार की, अवैध शराब के व्यापार पर रोक की, जुआ सट्टा पर अंकुश लगाने की, बढ़ते अपराध को रोकने की, विभागों में भ्रष्टाचार की, अधिकारियों की मनमानी की, हर कदम पर सरकार फेल नजर आ रही है। जिसके कारण क्षेत्र की जनता को केवल निराशा ही हाथ लग रहीं है। वहीं अन्नदाता यूरिया खाद के लिए कई दिन लाइन में लगकर परेशान होता है, जो सरकार के विफल होने का परिणाम है। पड़ोसी जिले की बुधनी में भी दो कंपनियां आई है,उसमें क्षेत्रीय युवाओ और युवतियों को सबसे निचली पोस्ट पर रखा जाता है। जिसके कारण युवा आज तक रोजगार के नाम को स्वयं ठगा महसूस कर रहा है। इन्हीं सब विषयों को लेकर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री को फूल भेंट किए जाने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया।
