

दमोह : जिला जेल दमोह में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पर्व पर गीता महोत्सव और श्रीमद् भागवद गीता पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों द्वारा श्रीमद् भागवद् गीता का पाठ किया एंव कर्म योग, भक्ति योग, ज्ञान योग, कर्म वैराग्य योग, ध्यान योग, विज्ञान योग, अनासक्ति योग का संपूर्ण पाठ कर गीता के उपदेश दिए। इस दौरान कर्म योग को जीवन का सबसे बडा योग, भक्ति योग को इश्वर के प्रति सर्वश्रेष्ठ योग, ज्ञान योग को अमृत के समान, ध्यान योग को बुद्धिमत्ता का सूत्र बताया गया।जेल अधीक्षक ने परिरूद्ध बंदियो को गीता के उपदेशो का भविष्य में पालन कर जीवन सुधार करने कहा। कार्यक्रम के अंत में ज्ञानामृत सोसायटी द्वारा जिला जेल दमोह में परिरूद्ध बंदियों को स्वेटर, गरम वस्त्र उपलब्ध कराये गये। अंत में बंदियों को फल एंव महिला बंदियो को बिन्दी वितरित की गई। बंदियों द्वारा गीता रचित भजन कीर्तन का गायन किया गया। जेल अधीक्षक द्वारा ब्राहम्णों को श्रीफल भेंट किया एंव आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान विद्वान पंडित शिवम दुबे, रामनाथ दुबे, रामस्वरूप शास्त्री, नाथूराम मिश्रा ज्ञानामृत एजूकेशन सोसायटी दमोह से मिथलेश मिश्रा, जितेन्द्र सिंह राजपूत, जेल अधीक्षक सहित अन्य जेल स्टाफ उपस्थित रहा।
