
पमरे रेलवे यूनियन मान्यता चुनाव में बड़ा उलटफेर
जबलपुर। रेलवे में श्रमिक संगठनों की मान्यता के लिए गत 4, 5 व 6 दिसम्बर को हुए गुप्त मतदान के परिणामों ने सबको चौका दिया| रेलवे में एकछत्र राज करने वाली बेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पालाइज यूनियन को बड़ा झटका लगा| जबकि 35 प्रतिशत वोट हासिल कर पश्चिम मध्य रेलवे संघ ने मान्यता हासिल करने में पहला स्थान प्राप्त कर लिया| दरअसल बताया जा रहा है कि इस बार 5 यूनियर लड़ी थी, जिसमें पमरे वर्क्स यूनियन में शेर छाप से चुनाव लड़ा था जबकि एम्पलाइज यूनियन का चुनाव चिन्ह लैंप था| इस यूनियन द्वारा 25 प्रतिशत वोट काटे जाने पर चुनाव के नतीजे का बड़ा उलट फेर नजर सामने आया| पमरे एम्पलाइज यूनियन दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि पहली बार चुनाव लड़ रहे पमरे वर्कर्स यूनियन तीसरे स्थान पर रहा.
सुबह से ही पमरे के तीनों रेल मंडलों जबलपुर, भोपाल व कोटा में मतों की गिनती शुरू हुई. प्रारंभ से ही पमरे मजदूर संघ बढ़त बनाए हुए था और यह बढ़त उसकी आखिरी तक कायम रही| बताया गया है कि ओपीएस का मुद्दा हावी रहा और यूपीएस को लेकर न्यूट्रल रुख रखने वाली यूनियन को गहरा झटका लगा| विरोधी यूनियनों ने जमकर इस मुद्दे को भुनाया|
मजदूर संघ समर्थकों में उत्साह, जश्न………….
इस जीत से पमरे मजदूर संघ के समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह व जश्न का माहौल बना हुआ है. मजदूर संघ के वरिष्ठ सदस्य मुकेश दास ने बताया कि मजदूर संघ नेतृत्व जिसमें जबलपुर मंडल सचिव डीपी अग्रवाल, अध्यक्ष एसएन शुक्ला के नेतृत्व में जबलपुर मंडल में रेल कर्मचारियों ने संघ पर जबर्दस्त उत्साह दिखाते हुए उसे सर्वाधिक मत प्रदान कर नंबर वन का संगठन बनाया है. मुकेश दास ने सभी रेल कर्मचारियों को बधाई दी है.
