पुलिस ने बलपूर्वक रोका, कई की तबीयत बिगड़ी
भोपाल। नियमितिकरण समेत अपनी 5 मांगों को लेकर प्रदेशभर से राजधानी भोपाल में जुटे हजारो अतिथि शिक्षकों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने और उसे उसका वादा याद दिलाने के लिये प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई बरसात के दौरान भी प्रदर्शनकारी घंटो तक डटे रहे। बाद में अतिथि शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मिलने पहुंचा, लेकिन उनके बीच बात नहीं बनी। बताया गया है कि मंत्री बुधवार सुबह 11 बजे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे। इससे पहले अतिथि शिक्षक महासंघ, मध्यप्रदेश के बैनर तले प्रदेश भर से बसो सहित अन्य साधनो से आये अतिथि शिक्षक अंबेडकर मैदान में जमा हुए थे। यहां से वे तिरंगा यात्रा निकालकर सीएम हाउस का घेरात करने निकले। लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकते हुए बलपूर्वक पीछे कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षको की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई जिसमें कई शिक्षको के घायल होने की भी सूचना है। प्रदेशभर से आये अतिथि शिक्षको की नियमितिकरण सहित पॉच मांगे है। इन मांगों में डिपार्टमेंटल एग्जाम कराकर उन्हें गुरुजियों की तरह नियमित किये जाने, अतिथि शिक्षक स्कोर कार्ड में प्रत्येक सत्र के अनुभव के 10 अंक अधिकतम 100 अंक सभी वर्गों में शामिल करने, अनुभव के आधार पर नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों को 12 माह का सेवाकाल और पद स्थाई करने, 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले अतिथि शिक्षकों को एक और मौका दिये जाने सहित
अतिथि शिक्षक भर्ती में वार्षिक अनुबंध सत्र 2024-25 से लागू करने की मांग शामिल है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो सितंबर 2023 को अतिथि शिक्षक पंचायत में अतिथि शिक्षकों को नियमित कर गुरुजी के समान वेतनमान देने की बात कही थी। यह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। अब हम अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए राजधानी की सड़कों पर उतरने को मजबूर है।

