
सिहोरा हत्याकांड में न्यायालय का विशेष फैसला
जबलपुर। विशेष न्यायाधीश सिहोरा सुधांशु सिन्हा की अदालत ने हत्या के मामलें में सुनवाई करते हुए सात आरोपियों को दोष सिद्ध पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी, साथ ही 4-4 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया| अभियोजन पक्ष के मुताबिक सिहोरा थाना क्षेत्र में गत 15 फरवरी 2020 को रात 11.30 बजे घर के सामने पान गुटखा की थूक में पानी डालने के विवाद पर राज उर्फ चिंटू, मायाबाई व अन्य के साथ आरोपी शिवा डुमार,कपिल डुमार, दुर्गा बाई डुमार ,भूरा डुमार, सुमित समुद्रे, मनीष समुद्रे , साहिल डुमार ने मारपीट की| इस मारपीट में चिंटू के सिर पर गंभीर चोट आ जाने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई| मायाबाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 सहपठित धारा 149 भारतिय दंड विधान, 323 सहपठित धारा 149 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया| मामलें की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वें ने पैरवी की, तमाम गवाहों और सबूतों के मद्देनजर आरोपियों का दोष सिद्ध पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई|
