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हाई कोर्ट ने छात्र के हक में पारित किया राहतकारी
जबलपुर। हाई कोर्ट ने उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में लापरवाही को गंभीरता से लिया। इसी के साथ माध्यमिक शिक्षा मंडल को 25 हजार हर्जाने के साथ नई अंकसूची जारी करने का निर्देश दे दिया। इसके लिए छह सप्ताह की मोहलत दी गई है। हर्जाना राशि दोष्ज्ञी से वसूल करने माशिमं को स्वतंत्र कर दिया गया है।
न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता छतरपुर के हनुमानबाग निवासी साकेत तिवारी की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2023 में बारहवीं की परीक्षा दी थी। जब अंकसूची आई तो उसने पाया कि गणित विषय में 12 सही उत्तरों के अंक नहीं दिए गए। लिहाजा, पुनर्मूल्यांकन का आवेदन किया गया। जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। लिहाजा, हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। हाई कोर्ट ने उत्तरपुस्तिका पेश करने के निर्देश दिए। जिसका अवलोकन करने पर याचिकाकर्ता का आरोप सही पाया गया। माडल आंसर-की के अनुसार याचिकाकर्ता से जिन प्रश्नों के सही उत्तर दिए थे, उनके अंक नहीं दिए गए थे। इस तथ्य को गंभीरतर से लेकर हाई कोर्ट ने छात्र के हक में राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

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