
बिजली कंपनी विजिलेंस शाखा के अधिकारी कटघरे में
इन्दौर। होटल में लगे बिजली मीटर की सील टूटी होने पर लाखों के बिल आने की धमकी देने के बाद हजारों में मामला रफा दफा करने की बात कर रिश्वत लेने वाले बिजली कंपनी की विजिलेंस शाखा के इंजिनियर के ड्राइवर को पुलिस ने होटल मालिक की सूचना के बाद गिरफ्तार किया है। बिजली मीटर की सील टूटी होने के संदर्भ में होटल मालिक ने ड्राइवर से बात की तो उसने चार लाख का बिल नहीं बनाने के लिए यह कहते हुए 75 हजार रु मांगे थे कि पैसे ऊपर भी देना पड़ेंगे। मामला एबी रोड़ स्थित होटल A-4 (C 21 मॉल के पीछे) का है। और रिश्वतखोर आरोपी बिजली कंपनी इंदौर की विजिलेंस शाखा के सहायक इंजीनियर (एई) विकास सिंह का ड्राइवर मोहन है। जिसे होटल मालिक की सतर्कता से रंगेहाथों पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि मामले में ड्राइवर मोहन ने 75 हजार रुपए मांगे थे। चार दिन पहले 73 हजार रुपए ले लिए थे और कल शेष बचे दो हजार रुपए लेने गया तब धरा गया। घटनाक्रम अनुसार एबी रोड़ स्थित होटल A-4 (C 21 मॉल के पीछे) पर चार दिन पहले बिजली कंपनी के विजिलेंस एई विकास सिंह की गाड़ी लेकर ड्राइवर मोहन पहुंचा था और होटल के मीटर की सील टूटी होने पर 4 लाख रुपए का बिल वसूली की धमकी दी। उसके बाद होटल मालिक से बातचीत करते ड्राइवर मोहन ने चार लाख का बिल नहीं बनाने के बदले 75 हजार रु यह कहते हुए मांगे कि पैसे ऊपर भी देना पड़ेंगे। इसके बाद उसने उसी समय 73 हजार रुपए ले लिए। कल ड्राइवर मोहन जब शेष बचे 2 हजार रुपए लेने होटल आया तो होटल मालिक ने क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया को सूचना दी। दंडोतिया ने तत्काल टीम भेजकर ड्राइवर मोहन को दो हजार रुपए लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। क्राइम ब्रांच ड्राइवर मोहन से पूछताछ कर रही है।
वहीं बिजली कंपनी के विजिलेंस विभाग के अधिकारी के ड्राइवर के रिश्वत लेते इस तरह रंगेहाथ पकड़े जाने पर विजिलेंस शाखा के अफसरों पर भी उंगलियां उठने लगी है क्योंकि एक तो बिजली कम्पनी की विजिलेंस शाखा का काम ही बिजली चोरी पकड़ उसे रोककर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है तो दूसरा रिश्वत लेते पकड़े गए ड्राइवर का बयान की पैसा उपर तक देना पड़ेगा है। बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या बिजली चोरी रोकने वाले विजिलेंस अधिकारी बिजली चोरी करने वालों से वसूली कर रिश्वत लेते मामला रफा दफा कर देते हैं।
