इन छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने एवं आगे बढ़ने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे-कलेक्टर श्री कोचर


दमोह : कमिश्नर सागर संभाग सागर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शाला त्यागी बालिकाओं के लिये वोकेशनल ट्रेनिंग रेडीमेड गारमेन्ट्स अंतर्गत प्रमाण पत्र वितरित किये। इस मौके पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, डिप्टी कमिश्नर विनय द्विवेदी, अपर कलेक्टर मीना मसराम, जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा, सैडमैंप प्रबंधक पीएन तिवारी मौजूद थे।
कमिश्नर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने छात्राओं से कहा बेटियों को यदि आगे बढ़ना है तो पढ़ना होगा पढाई ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे ज्ञान प्राप्त कर किसी भी विधा में आगे बढ़ा जा सकता है। यह अन्धकार से रोशनी की ओर जाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा स्टेप बाय स्टेप चढ़ना पड़ेगा, हमें पैदल जाना है इसलिए हमें सीड़ी दर सीढ़ी चढ़ना पड़ेगा, तभी हम वहां तक पहुंच पाएंगे। उन्होंने बच्चियों से कहा पढ़ना मत छोड़ना किसी भी हालत में पढ़ाई करें, जितना भी समय मिले उसका पढ़ाई में उपयोग करें। मोबाइल में पढ़ाई की वस्तु देखें, सबसे पहले पढ़ें साथ में यह जो ट्रेनिंग ली है इसका भी उपयोग करें। उन्होंने छात्राओं को बुके भेंट कर स्वागत किया।


कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने सेडमैप के अधिकारियों से कहा बालिकाओं को किस चीज की आवश्यकता है, उन्हें नोट कर लें, किसी को छात्रावास की आवश्यकता है, किसी को कॉपी किताबों की, किसी को स्कूल में एडमिशन की आवश्यकता हो तो यह चीज नोट कर ले, हम उनकी जो भी मदद कर सकते हैं पूरी मदद करेंगे, ताकि यह सभी छात्रायें आगे बढ़ सकें और शाला त्यागी बच्चों से शालागामी बच्चों में परिवर्तित हो सकें। कलेक्टर श्री कोचर ने छात्राओं से कहा आपका प्रॉपर ऐडमिशन छात्रावास में हो जायेगा, आपके खाने पीने की व्यवस्था सभी वहां पर हो जाएगी।
उन्होंने कहा महिला एवं बाल विकास विभाग दमोह द्वारा जो इन बालिकाओं का सहयोग किया गया है ओर एक मंच दिया गया जहाँ पर न केवल यह एक ट्रेड में कौशल प्राप्त करने में माहिर हो पाई है, बल्कि यह प्रशिक्षण इनके अन्दर एक आत्म विश्वास भी जगा पायेगा और वापिस पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा इनकी पढाई जारी रखने एवं आगे बढ़ने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। इनके माता पिता को भी पढाई का महत्व समझना होगा और इनकी पढाई जारी रखने में सहयोग करना होगा आज शासन द्वारा बालिकाओं के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, ऐसा कोई कारण नहीं होना चाहिए की कोई भी बालिका बीच में शाला छोड़ दे I
कमिश्नर डॉ. रावत के समक्ष छात्राओं ने भी अपनी बात रखी जिसमें सर्वप्रथम मोनम कुर्मी ने महिला बाल विकास विभाग एवं किशोर सशक्तिकरण कार्यक्रम का धन्यवाद दिया ओर कहा की हम लोगों को लगा था की लगभग हमारा सपना यही तक सीमित हो चुका है, अब हम आगे नहीं बढ़ पायेंगे लेकिन प्रशिक्षण एवं लाइफ स्किल एजुकेशन के माध्यम से न केवल हमने एक हुनर सीखी बल्कि हमारे अन्दर एक आत्मविश्वास भी आया है, जो हमें निश्चित ही आगे की राह दिखा रहा है I
ज्ञातव्य है महिला बाल विकास विभाग द्वारा किशोर सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आकांक्षी ब्लॉक तेन्दूखेड़ा अंतर्गत चिन्हित 11 ग्राम पंचायतों की 40 शाला त्यागी बालिकाओं के लिये रेडीमेड गारमेन्ट्स वोकेशनल ट्रेनिंग वन स्टॉप सेंटर में उद्यमिता विकास केन्द्र (सैडमैप) द्वारा दी गई। इन बालिकाओं ने शासकीय विभागों में एक्सपोजर विजिट कर योजनाओं के बारे में और कार्यों के बारे में जानकारी ली। शाला त्यागी बालिकाओं द्वारा सर्प्रथम महिला थाना दमोह में इसके पश्चात वन स्टॉप सेंटर, कलेक्ट्रेट परिषद में स्थित विभाग जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय, आदिमजाति कल्याण विभाग एवं अन्य पिछड़ावर्ग विभाग, जिला महिला स्वरोजगार (सेडमेप) प्रशिक्षण केंद्र एवं अंत में जिला अस्पताल विजिट की इनका स्वास्थ्य परीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गयाI
