
पन्ना । जिला-अस्पताल में भर्ती 35 वर्षीय महिला की इलाज के अभाव में शनिवार को मौत हो गई। परिजनों ड्यूटी डॉक्टर और नर्स स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रात में तकरीबन 3 बजे महिला की ज्यादा तबीयत खराब होने पर बार-बार ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और नर्स स्टाफ को बुलाया गया। हालांकि उन्होंने इलाज नहीं किया, जिससे महिला की मौत हो गई। वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर आलोक गुप्ता ने कहा कि महिला को तीन अलग-अलग डॉक्टरों ने देखा और इलाज भी किया है। लक्ष्मी कुशवाहा पति रम्मू कुशवाहा (40) की तबीयत खराब होने पर शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात्रि जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती करवाया गया। शनिवार की सुबह 10 बजे महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना देखे ही सिर्फ दवाई लिख दी। मृतक महिला को बॉटल और इंजेक्शन लगा दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत और बिगड़ने लगी। महिला को खून की उल्टियां होने लगी। परिजनोंं का दावा है कि बार-बार स्टाफ नर्सों को बुलाया गया लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो महिला को रेफर कर दिया, लेकिन उसके पहले मौत हो गई।
शव को झाड़फूंक कराने ले गए परिजन
परिजनों को महिला की मौत पर यकीन नहीं हुआ। वे उसके शव को लेकर झाड़फूंक करवाने ले गए। हालांकि जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया। शव को वापस जिला अस्पताल पोस्टमॉर्टम लिए लाया गया।जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ आलोक गुप्ता ने कहा, ‘महिला परिजनों के आरोप निराधार है। तीन अलग-अलग डॉक्टरों ने महिला का चेकअप किया था। हालांकि महिला की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि महिला को किसी जहरीले कीड़े ने काटा है, जिसके लिए महिला पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।’
