दमोह! न्यायालय श्री राममनोहर दांगी, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है!
अभियोजन मामला संक्षेप में इस प्रकार है दिनांक 06.08.2022 को सुबह करीब 7-8 बजे आरोपी पर्वत पाल व परम पाल, मोहन के द्वारा परमलाल की पत्नी गेंदाबाई को जादू-टोना कराकर मृत्यु कारित होने के संदेह के आधार पर रंजिश के परिणामस्वरूप मोहन को गेंदाबाई के तेरहवीं के कार्यक्रम के लिए लकडियों को फड़वाने के बहाने अपने बाड़े में मोहन की पत्नी संगीता पाल के मना करने पर भी जिद करके ले गये। परम, मोहन को बाड़े में ले जाकर टोना टोटका कराकर उसकी पत्नी गेंदाबाई को मार दिया, आज नहीं छोडेंगे। मोहन ने, आरोपीगण को गालियां देने से मना किया तो तभी आरोपी पर्वत ने हाथ में लिए हुई कुल्हाड़ी मोहनलाल के सिर में मार दी थी, जिससे चोट लगकर खून निकलने लगा था और वह सीध होकर जमीन पर गिर पडे और आरोपी परमपाल ने हाथ में पकड़ी कुल्हाड़ी मोहनलाल के गर्दन में मारी, जिससे गर्दन कटकर खून बहने लगा था. मोहनलाल तड़पने लगे थे। यह देखकर संगीता चिल्लाई जिसे देखकर पर्वत और परम अपने अपने हाथों में खून लगी कुल्हाड़ियां लेकर अपने घर तरफ भाग गये थे।आवाज सुनकर देवी, दीपक और रिश्तेदार दशरथ पाल, घनश्याम पाल और गांव के अन्य लोग आ गये थे, जिन्होंने उसके पति मोहनलाल का इलाज कराने के लिए उसके पति मोहनलाल को परम पाल के घर के सामने, गांव की रोड पर खटिया पर रखकर मेन रोड पर बजरंग बब्बा मंदिर के सामने, बबूल के पेड के नीचे ले जाकर रखा, जहां मोहनलाल की मृत्यु हो गई।
संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले मे तत्कालीन निरीक्षक संधीर चौधरी द्वारा सूक्ष्मता से विवेचना कर साक्ष्य एकत्रित की थी।
मामले में न्यायालय में आई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य तथा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपीगण परम उर्फ परम लाल, उम्र-51 वर्ष, व पर्वतपाल , उम्र-44 वर्ष, दोनो निवासी ग्राम खचारी पटी थाना हिंडोरिया जिला दमोह को भां.द.वि. की धारा 302 में आजीवन कारावास , एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मामले में अभियोजन की ओर से *जिला अभियोजन अधिकारी श्री कैलाशचंद पटेल के मार्गदर्शन में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अनंत सिंह ठाकुर द्वारा पैरवी की !
