महोत्सव में छठवें दिन मनाया मोक्षकल्याणक, उमड़ा आस्था का सैलाब




छिंदवाड़ा। अयोध्या नगरी में श्री मज्जिनेंद्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में छठवें दिन तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। सोमवार को रथफेरी के साथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन हुआ। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्यश्री समय सागर जी महाराज के आशीर्वाद से निर्यापक मुनिश्री प्रसाद सागर जी महाराज, मुनिश्री पद्म सागर जी महाराज, मुनिश्री शीतल सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हुए महोत्सव में आखिरी दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। छिंदवाड़ा के साथ ही अन्य शहरों से बड़ी संख्या में श्रावक महोत्सव में शामिल हुए। दोपहर में मुनिसंघ के सानिध्य में भव्य रथफेरी अयोध्या नगरी से प्रारंभ हुई। रजत विमान में श्रीजी को विराजमान किया गया। रथ फेरी में सबसे आगे तामिया के कलाकारों का दल पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति करते हुए शामिल हुआ। इसके पश्चात नागपुर के महाराजा ढोल, ताशा व ध्वज पथक दल के युवक-युवतियों द्वारा सुमधुर प्रस्तुति दी जा रही थी। जबलपुर के अंतर्राष्ट्रीय विशाल बैंड की भक्तिमय धुनों से वातावारण धर्ममय बन गया। पांच रथों पर महोत्सव के पात्र निकले। रथ फेरी का आकर्षण ऐरावत हाथी रहा। इसपर विराजमान होने का सौभाग्य ईशान, रोशनी, वीना जैन को प्राप्त हुआ। चांदी के रथ पर बैठने का सौभाग्य सुशीला जैन, प्राची जैन, रोहित जैन इंदौर को प्राप्त हुआ। चांदी के रथ के सारथी आशीष जैन बने। सोमवार को अग्निकुमार का पात्र श्रेय सिंघई, अखिल जैन, अमोल जैन ने निभाया।
अयोध्या नगरी से प्रारंभ होकर रथफेरी सत्कार तिराहा, फव्वारा चौक, पोस्ट ऑफिस, बुधवारी, मेनरोड से होते हुए आदिनाथ धाम, पाषाण मंदिर, गोलगंज पहुंची। यहां पर मुनिश्री प्रसाद सागर जी महाराज के दिव्य प्रवचन हुए। इससे पूर्व सोमवार की सुबह बाल ब्रम्हचारी प्रदीप भैया सुयश के निर्देशन में रक्षा मंत्र, शांति मंत्र, जाप्यानुष्ठान सहित विविध पूजन अनुष्ठान हुए। मुनिश्री पद्म सागर जी महाराज के प्रवचन हुए। नवप्रभात की नई किरण के साथ आदिनाथ भगवान को कैलाश पर्वत से निर्वाण प्राप्ति हुई। सिद्ध गुणारोपण, सिद्ध पूजन, मोक्ष कल्याणक पूजन के उपरांत विश्वशांति महायज्ञ किया गया। शाम को आदिनाथ धाम में महाआरती की गई।
शोभायात्रा मार्ग में सजाई आकर्षक रंगोली:-
अयोध्या नगरी से आदिनाथ धाम तक के पूरे रथफेरी मार्ग में आकर्षक रंगोली सजाई गई।
जगह-जगह हुआ स्वागत:-
शहर के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक संगठनों द्वारा रथ यात्रा का मार्ग में विविध स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पूजन-अर्चन किया गया।
