
प्रशासनिक काम काज के साथ राजस्व महाअभियान प्रभावित
जबलपुर। चरगवां पुलिस द्वारा भूमि घोटाले के आरोप में पटवारी राजेंद्र कुंजे की गिरफ्तारी और न्यायालय से जेल भेजे जाने के बाद से पटवारियों में आक्रोश है। इस घटना के विरोध में पटवारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे जिले के प्रशासनिक कामकाज पर गंभीर असर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि मामला चरगवां थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पुलिस ने पटवारी राजेंद्र कुंजे को बिना किसी पूर्व सूचना के गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। इस कदम से पटवारियों में आक्रोश फैल गया है क्योंकि पुलिस ने इस कार्रवाई से पहले न तो तहसीलदार को सूचित किया और न ही एसडीएम को जानकारी दी। इस मामले को लेकर पहले ही पटवारियों ने राजेंद्र कुंजे ने कलेक्टर दीपक सक्सेना से मुलाकात की थी, और कलेक्टर ने इस कार्रवाई को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा था कि पुलिस को इस मामले पहले नियुक्ता तहसीलदार या एसडीएम को सूचित करना चाहिए था।
बिना शर्त रिहाई की मांग………
पटवारी संघ ने साथी पटवारी राजेंद्र कुंजे के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने और बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है| पटवारियो ने तहसील के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की| इस दौरान पटवारी संघ के मुक्ता चौकसे, नरेश दुबे, मुकेश मिश्रा, पंकज पाठक, आनंद चौकसे, संतोष राय, राजेश मेहरा, विवेक जैन, राहुल गौतम, शरद दुबे, सौरभ शर्मा आदि ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि जब तक पटवारी राजेंद्र कुंजे खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करके बिना शर्त रिहाई नहीं हो जाती तब तक अनिश्चित हड़ताल पर रहेंगे,पटवारी की हड़ताल पर जाने से आम लोगों के काम रुक गए हैं जिससे लोग परेशान हो रहे हैं
पहले सामूहिक अवकाश फिर हड़ताल…
गिरफ्तारी के बाद से पटवारियों ने सामूहिक अवकाश लिया था, और अब सोमवार से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत कर दी है। पटवारियों ने तहसील जबलपुर कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि जब तक राजेंद्र कुंजे को रिहा नहीं किया जाता और चरगवां थाना प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल की वजह से तहसील कार्यालय का कामकाज ठप हो गया है और प्रशासनिक कार्यों में रुकावट आई है।
