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कनिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी प्राचार्य बनाने का मामला
जबलपुर। हाई कोर्ट ने आयुक्त उच्च शिक्षा के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी जिसके अंतर्गत कनिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया। न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकलपीठ ने आयुक्त उच्च शिक्षा और विभाग के रीजनल एडीशनल डायरेक्टर से जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता खंडवा निवासी डा .प्रताप राव कदम की ओर से दलील दी गई कि दो दिसंबर, 2024 को याचिकाकर्ता को शासकीय माखनलाल चतुर्वेदी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय खंडवा का प्रभारी प्राचार्य बनाया गया। मात्र दो दिन बाद बिना कोई कारण बताए चार दिसंबर को एक अन्य आदेश जारी कर दो दिसंबर के आदेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने दो जनवरी, 2025 को याचिकाकर्ता से जूनियर प्रोफेसर डॉ विनय जैन को कॉलेज का प्रभारी प्राचार्य बना दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि दो दिसंबर के आदेश पर केवल रोक लगी थी। ऐसे में उस आदेश को रिकाल किए बिना या निरस्त किए बिना नया आदेश जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अभी भी दो दिसंबर का आदेश यथावत है, लेकिन उस पर स्थगन है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो दिसंबर के आदेश पर रोक लगाने और डा. विनय को प्रभारी बनाने के आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।

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