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महाकुंभ में 30 श्रद्धालुओं की मौत …..पांटून पुल बंद थे तो जान बचाने कूदे लोग

मप्र के श्रद्धालुओं को बॉर्डर पर रोका, रीवा के चाकघाट में 25 किमी लंबा जाम
प्रयागराज। प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मच गई। महाकुंभ मेला क्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि महाकुंभ में हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई है। 90 लोगों को अस्पताल लया गया। जिसमें से 30 लोगों ने दम तोड़ दिया, इनमें से 25 लोगों की शिनाख्त हो गई है। जिसमें कर्नाटक के चार, गुजरात के एक श्रद्धालु की मौत हुई है। 60 लोग घायल हैं। बैरिकेड्स टूटने की वजह से भगदड़ हुई। भगदड़ की शुरुआत हुई तो कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं। लोग उन्हें कुचलते हुए निकल गए। जब भीड़ हटी तो लोग लाशों के बीच अपनों को तलाशते रहे। चारों ओर रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। दरअसल, अमृत स्नान के पहले ज्यादातर पांटून पुल बंद कर दिए गए थे। ऐसे में लोग जान बचाने के लिए पुल से कूदने लगे। घायलों को जद्दोजहद के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। कई मृतकों के शव जमीन पर पड़े रहे।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा-श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने की न सोचें। गंगा हर जगह पवित्र है, वे जहां हैं उसी तट पर स्नान करें। उधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि वीआईपी कल्चर और सरकार की बदइंतजामी के कारण भगदड़ मची है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- महाकुंभ को सेना के हवाले कर देना चाहिए। भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में एंट्री करने वाले 8 पॉइंट-भदोही, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, मिजापुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया है। सभी व्हीकल पास रद्द कर दिए गए हैं। यानी मेले में एक भी गाड़ी नहीं चलेगी। रास्ते को वन-वे कर दिया गया है। एक रास्ते से आए श्रद्धालुओं को स्नान के बाद दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है। शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। मेला क्षेत्र में यह व्यवस्था 4 फरवरी तक लागू रहेगी। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि श्रद्धालु जहां जगह हो वहीं स्नान करें। जहां इतनी बड़ी भीड़ होती है, इतना बड़ा प्रबंधन होता है, ऐसी छोटी-मोटी घटना हो जाती है।
भगदड़ की वजह
महाकुंभ में भगदड़ की कई वजहें बताई जा रही हैं। अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे। इसके कारण संगम पर पहुंचने वाली करोड़ों की भीड़ इकट्ठा होती चली गई। जिससे बैरिकेड्स में फंसकर कुछ लोग गिर गए। यह देखकर भगदड़ की अफवाह फैल गई। संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। लोग जिस रास्ते से आ रहे थे, उसी रास्ते से वापस जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। वे एक-दूसरे के ऊपर गिरते गए। हादसे के बाद 70 से ज्यादा एम्बुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद संगम तट पर हृस्त्र कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। भीड़ और न बढ़े, इसलिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। वहां प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।
बूढ़े, जवान, बच्चे सबको भीड़ ने रौंद दिया
मां को खोने वाले बिहार के बेटे ने रो-रोकर कहा- बूढ़े, जवान, बच्चे सबको भीड़ रौंद रही थी। मैं भी दब गया था। किसी तरह बच गया। मेरी आंखों के सामने मां की मौत हो गई। मां को गोदी में उठाकर बाहर लाया। मगर, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सोचा, मैं भी मां के साथ मर जाता हूं। अपनों की मौत के बाद परिवार वाले रो रहे हैं। एक महिला बेसुध है, तो दूसरी उसे सांत्वना दे रही है। रो-रोकर यही बोल रही कि जो चला गया वह अब दोबारा कैसे आएगा।
आमने-सामने लोग आए, भगदड़ मच गई
हम लोग नहाने गए तो वहां भगदड़ मच गई। एक ही रास्ते से लोग आ-जा रहे थे। आमने-सामने लोग हो गए तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मानों अचानक जैसे सैलाब आ गया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। बस यही लग रहा था कि आज बच नहीं पाएंगे। किसी तरह बचे। हमारी ननद बिछड़ गई है।
मंत्री बोले-छोटी-मोटी घटना होती रहती हैं
योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने हरदोई में कहा कि इतने बड़े आयोजन में छोटी-मोटी घटना हो जाती हैं, लेकिन घटना बेहद दुखद है। मेरी अपील है कि भक्त जहां घाट मिले, वहां स्नान करें। अफवाहों से बचें। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
वाहनों का प्रवेश दो दिन के लिए बंद
कुंभ में भीड़ और न बढ़े, इसलिए उत्तर प्रदेश बॉर्डर से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। प्रयागराज से करीब 250 किलोमीटर दूर ही वाहनों का प्रवेश दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। एमपी के श्रद्धालुओं को रीवा जिले के चाकघाट के पास रोका गया है। एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया कि अभी सिर्फ रीवा की तरफ जाने वाला ट्रैफिक क्लियर है। प्रयागराज साइड जाने वाले वाहन रोके गए हैं। झिरिया टोल प्लाजा, चाकघाट से यूपी बॉर्डर तक वाहनों की कतार लगी है। करीब 25 किलोमीटर तक जाम है। यूपी के एरिया में कितना लंबा जाम है, ये पता नहीं? रीवा के रमाशंकर सिंह पटेल ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय लोग भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं, श्रद्धालुओं का कहना है कि सुबह 5 बजे से उन्हें यहां रोका गया है। प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।


भगदड़ हादसे पर नाराज हुए स्वामी यतींद्रानंद गिरि बोले-महाकुंभ को इवेंट बनाकर रख दिया
महाकुंभ मेले में भगदड़ को लेकर आम श्रद्धालुओं से लेकर अखाड़ों व संतों में बेहद नाराजगी देखी गयी। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने वीआईपी कल्चर के साथ ही महाकुंभ को एक इवेंट बना दिए जाने पर निशाना साधा है। संत ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद गिरि ने भी जमकर निशाना साधते हुए मेले की सुरक्षा को सेना के हवाले किए जाने की मांग उठाई।
महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी ने कहा कि कुंभ मेला प्रयागराज मौनी अमावस्या के स्नान के वक्त मची भगदड़ एवं अनेक लोगों की की मृत्यु बहुत दुखद पीड़ा दायक है। कुंभ मेला प्रशासन की हठधर्मिता तथा नासमझी के चलते यह घटना घटी हमने अनेक कुम्भ किए हैं और देखे हैं। किंतु पहली बार किसी कुंभ में इतनी अव्यवस्था देखी है। अभी तक कुंभ समाप्ति की ओर है। किंतु कुंभ में किए जाने वाले कार्य अभी तक लंबित पड़े हैं। स्वामी यतींद्रानंद गिरी ने वीडियो बयान जारी करते हुए लिखा कि परंपरागत साधु संतों और संस्थाओं को मिलने वाली सुविधाएं टैन्ट, शौचालय, नल के लिए अभी तक साधु संतों को परेशान होना पड़ रहा है। मेला प्रशासन के अधिकारी जहां प्रतीक कुंभ में अपने-अपने सेक्टर और पूरे मेले में शिवरों में घूम-घूम कर खुद संतों को मिलने वाली सुविधाओं का ध्यान रखते थे।
इस बार साधु-संत अधिकारियों को खोज रहे हैं प्रशासन अधिकारी केवल वीआईपी जनों की आवभगत और उनके सुख सुविधा में लगे हुए हैं।

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