कलेक्टर व अन्य को हाईकोर्ट का नोटिस
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई थी कोई कार्यवाही

दमोह। शिक्षण संस्था के नाम पर अवैध निर्माण करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट मे एक याचिका लगाई गई है! जिसमे कहा गया है कि शासन ने पूर्व में कोतवाली के पास शिक्षा प्रसार समिति को नजूल की भूमि लॉ कॉलेज के संचालन हेतु दी थी लेकिन उक्त भूमि पर व्यावसायिक दुकानें बना ली गई हैं। इसी तरह जैन शिक्षा समिति को सागर रोड कृषि उपज मंडी के पास नजूल भूमि लीज पर दी गई थी जिसकी अवधि पूर्ण हो चुकी है फिर भी उक्त जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है वहीं एक और अवैध अतिक्रमण का मामला जो नई सब्जी मंडी रोड पर जहां पूर्व में नवीन आदर्श स्कूल था यह भूमि भू अभिलेख में नजूल भूमि दर्ज है वहां पर भी अवैध निर्माण कर लिया गया है। इस संबंध में स्थानीय कॉरपोरेटर पार्षद गोपाल सिंह ठाकुर द्वारा माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका लगाई गई है जिस पर संज्ञान लेते हुए माननीय न्यायालय द्वारा मध्य प्रदेश शासन, कलेक्टर,तहसीलदार, नगर पालिका दमोह, शिक्षा प्रसार समिति, जैन शिक्षा समिति, नजूल अधिकारी दमोह को नोटिस जारी किए हैं इस संबंध में गोपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि उक्त भूमियों पर जो की शासकीय हैं उन पर सालों से अवैध कब्जा कर लीज की शर्तों का उल्लंघन कर उनका उपयोग व्यक्तिगत और व्यवसायिक प्रयोजन के लिए किया जा रहा है शासन की अरबो रुपए की जमीन का राजस्व अधिकारियों से मिलकर बंदर बांट हो रहा है जिसको लेकर उनके द्वारा माननीय न्यायालय की शरण ली गई है।
