जैसे ही भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा का नाम सुना तो दौडे़ चले आए


दमोह ! शहर असाटी वार्ड-1 में सकल असाटी समाज दमोह के द्वारा संस्कार भवन में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताहिक कथा का समापन बेला पर कथा वाचक पंडित श्री सुदीश जी (वृंदावन धाम) के द्वारा सुदामा चरित्र और प्रदुम्न जन्म के बारे में श्रोताओं को कथा सुना कर समापन किया. साथ ही आज 3 फरवरी सोमवार सुबह 8ः30 बजे से हवन व दोपहर में भंडारा का आयोजन किया जाएगा. महाराज जी ने श्री कृष्ण भगवान और उनके मित्र सुदामा जी के बारे में विस्तार से श्रोताओं को बतलाते हुए उन्होंने कहा कि सुदामा जी जैसी मित्रता सभी की हो! श्री कृष्ण भगवान और सुदामा जी के बारे में विस्तार से कथा में बताया कि भगवान श्री कृष्ण द्वारकाधीश चले जाने के बाद सुदामा जी उनसे मिलने के लिए बिना चप्पल के चल पड़े और द्वारकाधीश पहुंचते ही द्वारपालों ने उन्हें रोक लिया, अंदर नहीं जाने दिया. इसी के बाद उनके सेनापति अंदर गए और भगवान श्री कृष्ण को एक भिक्षुक की जानकारी दी और कहा की भगवान आपका नाम ले रहे हैं और अपना नाम सुदामा बता रहे हैं! इसी को लेकर भगवान श्री कृष्ण जी सुदामा जी से मिलने दौड़ पड़े और सुदामा जी दूर तक मिलने के बाद उन्हें गले से लगाकर महल ले गए, जहां उन्हें बहुत ही सम्मान दिया. अंतिम दिन की श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में शनिवार को श्री कृष्णा उत्सव और सुदामा जी वंश असाटी स्वरूप बने! इस अवसर पर माया मोहनलाल असाटी, अनीता सुनील कुमार असाटी, अनसूया कैलाश चंद्र, मीराबाई स्वर्गीय देवी प्रसाद असाटी, खेमाबाई स्वर्गीय चतुर्भुज प्रसाद, जयंती स्वर्गीय दीपक के समस्त परिवारजन, रिश्तेदार सभी शामिल हुए. साथ ही हटा असाटी समाज अध्यक्ष जागे श्रीमती प्रीती असाटी, नवनिर्वाचित भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह, राघवेंद्र परिहार, सुरेश पटेल, समाजसेवी राजा राय के अलावा और भी जनों ने श्रीमद् भागवत महापुराण और महाराज जी का आशीर्वाद लिया. शोभायात्रा में साध्वी का स्वरूप देने वाली सभी महिलाओं का सम्मान भी हुआ!
