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शिवानी बहन से हजारों लोगों ने लिये जीवन जीने का गुर

ब्रम्हाकुमारी शिवानी बहन के कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल हुये सांसद बंटी विवेक साहू
छिन्दवाड़ा। प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी ईश्‍वरीय विश्‍व विद्यालय द्वारा पोला ग्राउंड मे कार्यक्रम का आयोजन किया गया है,जिसमें सांसद बंटी विवेक साहू परिवार सहित शामिल हुये। जिसमे सांसद श्री साहू ने ब्रम्हाकुमारी शिवानी बहन का मंच पर स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल अनसुईया उईके भी प्रमुख रूप से उपस्थित रही।
        सांसद श्री साहू ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन का छिंदवाड़ा में आगमन हुआ मैं उनका छिंदवाड़ा वासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूँ।एक महाकुंभ आज छिंदवाड़ा की धारा पर भारा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से पधारे तमाम अतिथियों और कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों का मंच से स्वागत किया। छिंदवाड़ा में पहली बार विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक प्रवक्ता ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन ने सूरज की प्रथम रश्मियों के साथ शांति और प्रेम और ज्ञान की वर्षा से भरपूर करते हुए छिंदवाड़ा की हजारों जनता के बीच धर्म से बढ़कर आध्यात्मिकता का बीजारोपण का सूत्रपात किया। उन्होंने खुश रहने और रिश्ते बचाने की सफल मंत्र दिए। दशहरा मैदान में हजारों श्रद्धालुओं और जिज्ञासु लोगों को अपने प्रभावी विचारों से उन्होंने खुशियों का स्वर्णिम सवेरा कैसे उदित हो, हमारे जीवन में उसके सूत्र बताएं और उसके साथ-साथ दैनिक जीवन में मेडिटेशन को दिनचर्या के लिए विशेष बताते हुए कहा कि कोई मेडिटेशन से जुड़ना कठिन प्रक्रिया नहीं है ,बल्कि बेहद आसान है, मन को शांति मिलती है । उन्होंने कहा कि खुद को बदलना नहीं चाहते पर आज का इंसान संसार को बदलना चाहता है ।घर के लोगों को बदलना चाहता है, पड़ोसी को बदलना चाहता है ,पर खुद को नहीं बदलना चाहता। हमें बीज को पानी देना है, वृक्ष को नहीं ।बीज हमारा मन है, और वृक्ष हमारा शरीर”! शरीर के रिश्ते संसार है। हमें खुद अर्थात बीज को मेडिटेशन रूपी खाद पानी देना है। आत्मा की उन्नति के लिए संसार के मनुष्य के पास समय नहीं है ।स्वयं के लिए समय निकालें कोई भी कार्य करने के लिए सबसे पहले अपनी आत्मा की स्थिति मन की स्थिति का विशेष ध्यान रखना है। उन्होंने स्वास्तिक का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए  चारों युगों का गहरा रहस्य बताया और उन्होंने कहा की 7 दिन का कोर्स जरूर करना चाहिए। जिससे आत्मा का कांसेप्ट क्लियर होता है और यह ज्ञान किसी व्यक्ति का नहीं स्वयं ईश्वर का है ,जो आत्मा की उन्नति के लिए सर्वोपरि है, मनुष्य की आत्मा के गुण विलुप्त हो चुके हैं, शांति भौतिक वस्तुओं में नहीं है, हमारे अंतर्मन में निहित है,” मनुष्य जैसा होता है वैसा कर्मफल पता है”। आज संसार के जो रिश्ते और दुख है, वह हमारे कार्मिक अकाउंट है, जिन्हें हम मेडिटेशन से सेटल कर सकते हैं ।आज अच्छा धन अच्छा मन की विशेष बनाने के लिए मेडिटेशन और अध्यात्म को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। आज घरों की नेगेटिव हवा विचारों की दूषित हवा हर घर के इंसान के मन को बीमार बना रहे हैं। परिवार के तनावपूर्ण माहौल में शांति का जल शुक्रिया का पानी ,शांति की अगरबत्ती अच्छे विचारों की खुशबू को फैलाने से घर का वातावरण सतयुग बन जाएगा। सारा दिन जिनके साथ रहते हैं, उनके साथ काम करते हैं, उन सभी का शुक्रिया करना चाहिए हमें लोगों का प्रकृति का जहां काम करते हैं। उसका शुक्रिया करना चाहिए जहां से हमें धन की प्राप्ति होती है ,उस स्थान का शुक्रिया करना चाहिए। परमात्मा का शुक्रिया मन और शरीर का शुक्रिया स्थूल वस्तुओं का शुक्रिया जड़ चीजों का शुक्रिया समय के साथ रिश्ता बनाते हैं। उसका भी शुक्रिया करना चाहिए। दुआ दीजिए समय को समय के साथ हमारा घनिष्ठ संबंध है। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्पीकर राजयोगी शक्ति राज,माउंट आबू से डॉक्टर दामिनी, इंदौर जोन की निर्देशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, भिलाई से आशा दीदी,जबलपुर से भावना दीदी की उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष  शेषराव यादव,विक्रम आपके महापौर एवं कुलपति , कॉलेज व स्कूल के शिक्षाविद,प्रिंसिपल आदि अन्य की उपस्थिति रही।

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