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बलात्कार के बाद यदि पीड़िता जीवित भी रहती है, तो उसकी जिंदगी मृत्यु से भी अधिक कष्टदायक हो जाती है -कोर्ट

इन्दौर। द्वितीय अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सविता जडिया की कोर्ट ने 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी मंगल पंवार पिता लाल सिंह पंवार, निवासी देवास को धारा 376 (एबी) भादवि एवं धारा 5एम/6 एवं 5 आई/6 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन बार मृत्युदंड की सजा यह कहते हुए सुनाई कि अभियुक्त की मानसिकता को देखते हुए भविष्य में भी वह इस प्रकार के अपराध कर सकता है। इसलिए पॉक्सो एक्ट की मंशा के अनुरूप अभियुक्त को मृत्युदंड देना ही उचित होगा, ताकि समाज में इस तरह के जघन्य अपराधों की रोकथाम की जा सके। कोर्ट ने अभियुक्त को तिहरे मृत्युदंड की सजा के साथ पीड़ित बालिका को 5 लाख रुपए प्रतिकर राशि दिलाए जाने की अनुशंसा की है। कोर्ट ने अपने निर्णय में यह महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की कि बलात्कार के बाद यदि पीड़िता जीवित भी रहती है, तो उसकी जिंदगी मृत्यु से भी अधिक कष्टदायक हो जाती है और उसे जीवनभर इस पीड़ा को सहना पड़ता है। अभियुक्त ने मात्र 6 साल की बच्ची के साथ क्रूरतापूर्ण बलात्कार किया, जिससे उसे गंभीर क्षति पहुंची। इसके अलावा, आरोपी को धारा 363 एवं 366 भादवि के तहत क्रमशः तीन साल और पांच साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। कुल 1000 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अभियोजन पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं विशेष लोक अभियोजक संजय मीणा ने की। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता बच्ची का परिवार इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर रहता है। उसके परिवार में मां बाप और एक डेढ़ साल की छोटी बहन है। 27 फरवरी 2024 को दोपहर करीब 3 बजे उसकी मां झोपड़ी के पीछे खुले में कपड़े धो रही थी। उस दौरान वह झोपड़ी के पास खेल रही थी, जबकि उसके पिता और छोटी बहन झोपड़ी के अंदर थे। घटना के बारे में पीड़िता बच्ची की मां ने पुलिस को बताया था कि दोपहर करीब 3:15 बजे कपड़े धोने के बाद उसने देखा तो बड़ी बेटी वहां नहीं थी। तभी उसे उसके रोने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। वह घबराकर जिधर से आवाज आ रही थी, उस दिशा में दौड़ी। सड़क के उस पार एक खाली पड़े प्लॉट पर आरोपी के साथ बच्ची रोते हुई मिली। आरोपी बच्ची की मां को देखते ही वहां से भाग गया। इस दौरान‌ बच्ची के रोने चिल्लाने तथा उसके शोर मचाने से आसपास के लोग भी जमा हो गए। रोती हुई बच्ची ने उसे बताया कि कचरा बीनने वाला लड़का उसका मुंह दबा उसे उठाकर प्लॉट में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। वे बच्ची को तुरंत एमवाय अस्पताल ले गए। वहीं भाग रहे आरोपी को लोगों ने पकड़कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर विवेचना के बाद मिले मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के बयान सहित पुलिस ने चालान कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।

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