
वन विभाग के हाथ लगे 5 आरोपी, तेंदुए के नाखून बरामद
जबलपुर। वन परिक्षेत्र जबलपुर के अंतर्गत ग्राम बारहा में 1 फरवरी को तेंदुए का शिकार करने वालें पांच लोगों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है| शिकारियों ने करंट लगाकर तेंदुए को मारने और उसके नाखून नदी किनारे गड़ाने की जानकारी दी| पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नाखून जब्त कर लिया है| वन परिक्षेत्र अधिकारी अपूर्व प्रखर शर्मा ने बताया कि तेंदुए के शिकार के बाद जबलपुर वन विभाग की टीम लगातार आसपास के गांव में पूछताछ कर रही थी| इसी दौरान सुराग मिलने पर वन विभाग ने सर्च वारंट लेकर ग्राम बारहा के पास स्थित पिपरिया और देवरी में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया| वन विभाग ने इस मामलें में पांच शिकारी लखन कुलस्ते, सत्येंद्र बरकडे, राधेश्याम यादव, सुरेंद्र मरावी, देवी सिंह को गिरफ्तार किया| सुरेंद्र मरावी की निशानदेही पर वन विभाग ने नदी किनारे पत्थर के नीचे छुपाकर रखे पांच नाखून जब्त किए| इसके अलावा पांच-पांच नाखून अन्य दो आरोपियों के पास होने की बात कही गई, लेकिन बरामद नहीं हुए| आरोपियों ने नाखून बेच दिये, खरीदने वालों की शिनाख्त नहीं हो सकी| सर्च के दौरान अभियुक्तों के घर से करंट लगाने वाली तार, खूटी और कुछ अन्य वन्य प्राणियों के अवशेष प्राप्त हुए है जिसे नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में परीक्षण हेतु भेजा गया है| सर्च करने के बाद अभियुक्तों को पूछताछ हेतु जबलपुर लाया गया, जिसमें अभियुक्तों द्वारा करंट की तार लगाना एवं शिकार करना स्वीकार किया गया| अभियुक्तों द्वारा यह भी स्वीकार किया गया कि उनके द्वारा पूर्व में भी कई बार जंगली सुअर, खरगोश आदि का करंट लगाकर शिकार किया गया है| आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9,39,44,48ए,51 सह पठित 2(16) के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया|
आरोपियों को गिरफ्तार करने में मुख्य वन संरक्षक कमल अरोरा, वनमंडल अधिकारी ऋषि मिश्र, उपवनमंडल अधिकारी पीके श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर अपूर्व प्रखर शर्मा एवं परिक्षेत्र सहायक महेश मिश्रा(बारहा), विजय तिवारी(बरेला), गुलाब सिंह (जबलपुर) एवं अन्य कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही|
पारधी कनेक्शन की हो रही जांच…………
दरअसल वन्य प्राणियों के शिकार में पारधी गिरोह के कनेक्शन की संभावना जताई जा रही हैं| गौरतलब है कि पिछले दिनों जबलपुर एसटीएफ की टीम ने डिंडौरी के गांव देवरी में छापा मारा था जहां जमीन के अंदर गड़ाकर रखा गांजा और कुछ वन्य प्राणियों के अवशेष व विस्फोटक बरामद हुए थे| बताया गया है कि विदेशों में वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी की जाती है वहीं आदिवासी इलाकों में यह भ्रम और अंधविश्वास है कि तेंदुए के नाखून का लॉकेट बनाकर पहनने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है| इसलिए वन्य प्राणियों में तेंदुआ, खरगोश, हिरण के शिकार कर उनके अवशेष निकाले जाते हैं|
