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गुना | शहर में पार्किंग की सुविधा न होने के बावजूद नगर पालिका और यातायात पुलिस ठेकेदार के जरिए वाहन जब्त कर अवैध वसूली करवा रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के सडक़ किनारे खड़े वाहनों को उठाया जा रहा है, जिससे वाहन मालिकों को भारी परेशानी हो रही है। इस मनमानी के खिलाफ आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है, लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी से ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं। दरअसल गुना में यातायात सुधार के नाम पर नगर पालिका ने एक ठेकेदार को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर टोइंग वाहन संचालन की जिम्मेदारी दी है। यह व्यवस्था अवैध वसूली का जरिया बन गई है। वाहन चालकों का आरोप है कि ठेकेदार मनमाने तरीके से उनके वाहन उठाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा है। कई बार लोगों को यह भी नहीं बताया जाता कि उनका वाहन कहां ले जाया गया है।
जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे
इस पूरे मामले पर नगर पालिका के सीएमओ तेज सिंह यादव का कहना है कि सडक़ों पर खड़े वाहनों को हटाने के लिए ठेकेदार को हायर किया गया है, लेकिन वह किस प्रक्रिया से वाहन उठा रहा है और रसीद कैसे काट रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वहीं, यातायात पुलिस कर्मियों का कहना है कि वे सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था के लिए टोइंग वाहन के साथ रहते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।
आम जनता को हो रही परेशानी
टोइंग वाहन से परेशान वाहन मालिकों का कहना है कि शहर में पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में वाहन सडक़ किनारे खड़ा करना पड़ता है, लेकिन ठेकेदार बिना किसी सूचना के गाड़ी उठाकर ले जाता है और फिर वाहन छोडऩे के बदले मनमानी राशि वसूलता है।
विवादों का सिलसिला जारी
टोइंग वाहन को लेकर शहर में लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। कई वाहन मालिकों ने इस अव्यवस्था के खिलाफ शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब खुद नगर पालिका और यातायात पुलिस ही अवैध वसूली के खेल में शामिल नजर आ रही है, तो आम जनता को न्याय कौन दिलाएगा?

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