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निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है कचरे का निष्पादन
धार/इन्दौर । उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट पिटीशन क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरूद्ध यूनियन ऑफ इण्डिया एवं अन्य) में 18 फरवरी 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में यूनियन कॉर्बाईड भोपाल के अपशिष्ठ का ट्रॉयल डिस्पोजल पीथमपुर इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट प्रा.लि., औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के इन्सीनरेटर में 27 फरवरी 2025 को प्रारंभ किया गया। यूनियन कार्बाइड का अपशिष्ठ 12 सीलबंद कण्टेनर्स में पीथमपुर लाया गया था, जिसमें 05 प्रकार के अपशिष्ठ सेविन रेसिड्यू नेप्थॉल रेसिड्यू, रियेक्टर रेसिड्यू, सेमिप्रोसेस्ड पेस्टीसाईड एवं परिसर की मिट्टी लाई गई है। ट्रॉयल रन हेतु पांचों अपशिष्ठ के एक-एक कण्टेनर 27 फरवरी 2025 को जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम पीथमपुर, तहसीलदार पीथमपुर, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक भोपाल, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में खोले गये हैं तथा अपशिष्ठ को पृथक-पृथक हजारडस वेस्ट स्टोरेज शेड में रखा गया है। पांचों अपशिष्ठ को मिलाकर कुल मात्रा 10 टन जलाई जायेगी।
इन्सीनरेटर को 27 फरवरी 2025 को रात्रि 10 बजे से डीजल द्वारा प्रारंभ किया गया है, जो लगभग 12 से 14 घण्टे बिना अपशिष्ठ के डाले ही चलाया गया है, ताकि प्रथमिक दहन कक्ष का तापमान 850 डिग्री सेंटीग्रेड एवं द्वितीयक दहन कक्ष का तापमान 1100 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक प्राप्त हो। डीजल से इन्सीनरेटर को चलाये जाने पर लगभग 500 से 600 लीटर/घण्टा डीजल की खपत आई है। निर्धारित तापमान प्राप्त होने पर दिनांक 28 फरवरी 2025 को अपराहन्ह 03 बजे से यूनियन कॉर्बाईड के अपशिष्ठ का दहन प्रारंभ किया गया है। 135 कि.ग्रा./घण्टा की दर से अपशिष्ठ की फिडिंग की जा रही है, जिसमें 4.5 किलोग्राम अपशिष्ठ में 4.5 किलोग्राम चूना मिलाकर यानि 09 किलोग्राम के बैग बनाये गये तथा एक घण्टे में 30 बैग इन्सीनरेटर के प्राथमिक दहन कक्ष में डाले जा रहे हैं। इन्सीनरेटर के संचालन से उत्पन्न होने वाली फ्लू गैस के शोधन हेतु स्थापित व्यवस्थाएं स्प्रे ड्रॉयर, मल्टी सॉयकलॉन, ड्रॉय स्कबर, बैग फिल्टर, वेट स्कबर सभी प्रभावी ढंग से संचालित हो रहे हैं तथा चिमनी से हो रहे उत्सर्जन की लगातार जांच हेतु ऑनलाईन कन्टीन्यूअस ईमीशन मॉनीटरिंग सिस्टम संचालित है, जिसके द्वारा कॉर्बनमोनो ऑक्साईड, कॉर्बनडाई ऑक्साईड, ऑक्सजीन, हाईड्रोजन फ्लोराईड, हाईड्रोजन क्लोराईड, पर्टिकुलेट मेटर, सल्फरडाई ऑक्साईड, नाईट्रोजन के ऑक्साईड, टोटल आर्गेनिक कॉर्बन की जांच की जा रही है तथा रिजल्ट म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर पर प्राप्त हो रहे हैं, जिनके रिजल्ट्स निर्धारित मात्रा पाये जा रहे हैं।
प्राथमिक दहन कक्ष का तापमान 800 से 900 डिग्री सेन्टीग्रेड के बीच तथा द्वितीयक दहन कक्ष का तापमान 1100 से 1200 डिग्री सेन्टीग्रेड पाया जा रहा है। ऑनलाईन सिस्टम के डाटा इन्सीनरेटर परिसर के बाहर स्थित डिस्प्ले बोर्ड पर भी प्रदर्शित हो रहे हैं। इन्सीनरेटर का संचालन निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है। प्रमुख सचिव पर्यावरण विभाग डॉ. नवनीत कोठारी, संभागायुक्त इन्दौर दीपक सिंह, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, सदस्य सचिव म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ए.ए. मिश्रा द्वारा भी दहन प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।

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