
राजस्व विभाग ने जड़ा ताला, संचालकों ने 30 मिनट में जमा किया डायवर्सन की राशि
बालाघाट। कलेक्टर मृणाल मीना के राजस्व वसूली के निर्देश दिए है। अब जिले में वसूली का कार्य राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रमुखता से किया जाने लगा है। बुधवार को वारासिवनी में राजस्व अमले द्वारा अग्रेसिव होकर कार्य करने का अच्छा उदाहरण सामने आया है। वारासिवनी के राजस्व अमले ने डायवर्सन की राशि जमा नहीं करने के मामले में बालाजी ट्रेडिंग और कल्पतरु वेयरहाउस पर ताला जड़ दिया था। जिसके आधा घंटे में दोनों ही संचालकों ने डायवर्सन की राशि जमा कर दी।
इस मामले में तहसीलदार इमरान मंसूरी ने बताया कि राजस्व वसूली के कई बकायादारों को वर्तमान व पूर्व के वित्तीय वर्षो के कर शेष है। ऐसे नागरिकों को धारा 147 के नोटिस जारी किए गए है। इसके बाद समय पर कर जमा नहीं करने पर विधिवत रूप से कुर्की की कार्यवाही की जाती है। बुधवार को नगर की बालाजी ट्रेडिंग कंपनी और कल्पतरु वेयरहाउस में तालाबंदी की गई। इसके आधे घंटे के बाद दोनों संस्थाओं ने डायवर्सन की शेष राशि जमा की गई।
वारासिवनी तहसील में 66 लाख रुपए की हुई राजस्व वसूली
वित्तीय वर्ष 2024-25 की राजस्व वसूली अब जोरों पर है। वारासिवनी तहसील में अब तक 66 लाख रुपये की वसूली 350 बकायादारों से की जा चुकी है। बालाजी ट्रेडिंग पर 25000 हजार और कल्पतरु पर 18270 रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया। उसके बाद तालाबंदी पर पूरी राशि जमा की गई। यह कार्यवाही एसडीएम आरआर पांडे के निर्देशन में राजस्व अमले द्वारा की गई। वसूली के सम्बंध में तहसीलदार मंसूरी ने कहा कि राजस्व वसूली इस माह आवश्यक है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि बकायादार वसूली हेतु की जा रही कार्यवाही से पूर्व डायवर्शन राशि जमा करते जा रहे है। प्रत्येक ग्राम में बकायदारों पर प्रतिदिन कार्यवाही की जा रही है। साथ ही बकाया जमा न करने पर भूमि की कुर्की,जमीन को शासकीय घोषित करने की कार्यवाही की जा रही है। नोटिस जारी उपरांत भी जो बकायादार राशि जमा नहीं कर रहे उनकी जमीन कुर्क व शासकीय घोषित करने की कार्यवाही की जाएगी।
बालाघाट तहसीलदार ने की राजस्व जमा करने की अपील
राजस्व वसूली के संबंध में बालाघाट तहसीलदार भूपेंद्र अहिरवार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम माह में संपत्ति कर सहित अन्य करो के भुगतान का समय होता है। संपत्ति कर के सम्बंध में संपत्ति धारकों से अपील जारी की जा रहीं है। उनका कहना है कि राजस्व वसूली का कार्य अभियान के रूप में किया जा रहा है। इसमें पूर्व की बकाया के साथ ही वर्तमान वर्ष की समस्त बकाया राशि राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी या कोटवार के माध्यम से भी की जा सकती है। राजस्व, डायवर्सन, भू-भाटक, अर्थ दंड आदि वर्तमान राजस्व वर्ष में जमा करना सुनिश्चित कर दिया जाए। ऐसी परिस्थिति निर्मित न होने दे कि किसी की संपत्ति की कुर्की करना पड़े।
