
जबलपुर। हाई कोर्ट ने पूर्व आदेश का पालन न होने के मामले में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय शिल्पा गुप्ता के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है। प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने पालन रिपोर्ट के साथ 24 मार्च को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सीहोर निवासी हरिओम यादव सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व शिवांशु कोल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आवेदक सहित 50 से अधिक शिक्षकों को मेरिट के आधार पर अनारक्षित वर्ग में ट्रायबल वेलफेयर स्कूल में की गईं पदस्थपना को अवैधानिक मानते हुए उनकी पहली पसंद के अनुसार डीपीआई के स्कूल में पदस्थापना देने कहा गया था। इसके लिए 4 सप्ताह की मोहलत दी गई थी। निर्धारित समय के बाद भी आयुक्त डीपीआई ने आदेश का पालन नहीं किया, जिस कारण अवमानना याचिका दायर की गई। हाई कोर्ट ने 10 फरवरी 2025 को डीपीआई आयुक्त शिल्पा गुप्ता को नोटिस जारी कर तीन मार्च के पूर्व जवाब तलब किया था। आवेदक की ओर से दलील दी गई कि नोटिस की तामीली के बावजूद भी अनावेदक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है और न ही महाधिवक्ता कार्यालय से संपर्क किया। इतना ही नहीं आवेदक की ओर से कहा गया कि अनावेदक के विरुद्ध कई अवमानना याचिकाएं लंबित हैं।
