Spread the love

कॉल सेंटर पकड़ाने के बाद आरोपियो को बचाने पुलिस कर्मियो ने रचा था खेल
भोपाल। राजधानी के ऐशबाग थाना इलाके में पकड़े गये ठगी के कॉलसेंटर के आरोपियो को बचाने के लिये ली गई लाखो की रिश्वत के मामले में आरोपी बनाये गये फरार सस्पेंड टीआई जितेंद्र गढ़वाल को कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। हालांकि मामले में चारो पुलिस कर्मियो सहित टीआई गढ़वाल को पुलिस कमिश्रनर ने पहले ही संस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद सभी पुलिस कर्मियो सहित टीआई भी फरार हैं। उनकी ओर से प्रताप मिश्रा की कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई गई थी। अदालत ने टीआई पर दर्ज प्रकरण को काफी गंभीर माना और जमानत का लाभ देने से इंकार करते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। निचली अदालत से जमानत निरस्त होने पर अब फरार टीआई राहत पाने के लिये हाईकोर्ट मे दस्तक दे सकते है। वहीं पुलिस की तीन टीमें आरोपी पुलिसकर्मियों की तलाश कर रही हैं। गौरतलब है की इस मामले में टीकमगढ़ के पार्षद अंशुल उर्फ मोना जैन, बीजेपी नेता मोइन खॉन भी फरार हैं। जिनकी धरपकड़ के लिये पुलिस टीमे टीकमगढ़ मे भी दबिश दे चुकी है, लेकिन वह भी हत्थे नहीं चढ़ सके। उल्लेखनीय है कि बीते दिनो भोपाल के ऐशबाग थाना इलाके में ठगी के एक कॉल सेंटर का भांडाफोड़ हुआ था। इस मामले के आरोपियों में से एक आरोपी मोइन खॉन को बचाने के ऐवज में एएसआई पवन रघुंवशी ने उससे 25 लाख रुपए में डील की थी। उसी डील की पहली किस्त के रूप में एएसआई 5 लाख रुपए ले रहा था। जोन-1 की एडिशनल डीसीपी रश्मि दुबे और एसीपी सुरभी मीणा सहित क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना मिलने पर निलंबित एएसआई पवन रघुवंशी को पांच लाख की रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा था। रिश्वत की रकम पवन टीआई जितेंद्र गढ़वाल के कहने पर ले रहा था, हालांकि पवन बाद में चकमा देकर फरार हो गया था। रिश्वत कांड के इस मामले में टीआई जितेंद्र गढ़वाल के साथ ही पवन रघुवंशी, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र, प्रधान आरक्षक मनोज और टीकमगढ़ से रिश्वत देने वाले अंशुल उर्फ मोना जैन को भी आरोपी बनाते हुए सभी के खिलाफ खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओ के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में कार्रवाई में लापरवाही को लेकर पुलिस ने ऐशबाग थाना टीआई जितेंद्र गढ़वाल सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा के निर्देश पर चारों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *