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जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक की अदालत ने बेलखेड़ा थाने में पदस्थ पुलिस कर्मियों पर सब्बल से हमला कर लहूलुहान करने के आरोपित पाटन निवासी कल्लू व मंधू पिता लच्छू उर्फ लछोटी बर्मन, मोहन और रामकुमार पिता कल्लू उर्फ कोमल बर्मन का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। साथ ही दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सात जून, 2019 को बेलखेड़ा थाने में पदस्थ आरक्षक संदीप की ड्यूटी डायल-100 में थी। जिस पर ग्राम झलौन से शुभम लोधी ने फोन कर सूचना दी कि पंचू बर्मन और कल्लू बर्मन के परिवार के बीच झगड़ा हो रहा है। जिस पर आरक्षक संदीप, आरक्षक मनोज, रोहित, डायल-100 का वाहन चालक धर्मेन्द्र व एएसआई लेखराम ग्राम झलौन पहुंचे। जहां पंचू बर्मन को लेकर वह घटनास्थल ग्राम कूड़ाकला हार पहुंचे। जहां आरोपित कल्लू बर्मन के घर के सामने पहुंचे, जहां सभी आरोपित पंचू के साथ गाली-गुफ्तार करने लगे। पुलिस कर्मियों ने समझाइश दी तो चारों आरोपी कल्लू पिता लच्छू बर्मन उम्र 45 वर्ष, मंधू पिता लच्छू बर्मन उम्र 57 वर्ष, मोहन पिता कल्लू उर्फ कोमल बर्मन उम्र 26 वर्ष व रामकुमार पिता कल्लू उर्फ कोमल बर्मन उम्र 26 वर्ष सभी निवासी ग्राम कूड़ाकला हार बेलखेड़ा ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाते हुए गालीगलौज करते हुए लाठी व सब्बल से पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया। जिससे आरक्षक संदीप, लेखराम व अन्य को गंभीर चोटें आईं। मामले के विचारण दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने चारों आरोपितों को सजा सुना दी।

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