छात्र और अभिभावक पुस्तक मेले में पहुँचे, सभी ने खुशी जाहिर की एम.एल.बी. स्कूल में 31 मार्च तक चलेगा मेला

दमोह : एम.एल.बी. स्कूल में आयोजित पुस्तक मेले के संबंध में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा आज दमोह में पुस्तक मेला, गणवेश मेला,, स्टेशनरी मेला तीनों एक साथ लगाने का प्रयास किया है, 27 मार्च से 31 मार्च तक शाम को 4 बजे से लेकर के रात को 9 से 10 बजे तक यह चलेगा, लगातार इसमें बड़ी संख्या में पुस्तक, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म विक्रेताओं ने इसमें भाग लिया है। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा एक सूचना आई थी कि कम पुस्तक विक्रेता यहाँ पर आए हैं, लेकिन फिर हम लोगों ने चेक किया और सारे पुस्तक विक्रेताओं को यहाँ अपनी तरफ से इनवाईट किया है, सभी के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी है, तो सभी पुस्तक विक्रेता, सभी स्टेशनरी विक्रेता यहाँ पर आएँगे, जो लोग अपनी सहमति दे रहे हैं, वे सब आ रहे हैं, तो किसी प्रकार की एकाधिकार की कोई उम्मीद नहीं लगती है। यदि आज पेरेंट्स को कोई असुविधा हुई हो तो मैं उसके लिए माफी चाहता हूँ क्योंकि हमारे लिए भी ये पहला अवसर था, पहला प्रयोग था, हम आज के अनुभव के आधार पर चीजों को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। जो किताबें यदि मान लीजिए उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं उनको उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, बात करके यह तो अभी शुरुआत है।

उन्होंनें कहा हम एक बार और पुस्तक मेला आगे लगाएंगे, तो किसी को ऐसी चिंता करने की जरूरत नहीं है और स्कूलों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी स्कूल किसी भी तरीके से बच्चों को बाध्य नहीं कर सकता की 4 दिन में किताब लाओ, जब किताबें उपलब्ध होंगी तभी बच्चों को मिलेंगी और बच्चे लेकर के आएँगे, हम इस पर लगातार पूरी नजर रखेंगे, और कोशिश करेंगे की अभिभावकों को बिल्कुल भी असुविधा ना हो। खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में अभिभावक यहाँ पर आए हैं, पूरा प्रयास हमारा स्कूल शिक्षा विभाग का रहेगा, कि उनका विश्वास बना रहे और हम इससे बेहतर व्यवस्थाएँ दे सकें।
छात्र और अभिभावकों ने क्या कहा

छात्रा दीप्ति पटेल ने कहा 1090 की किताबें खरीदी ,है पहले किताब में बहुत ज्यादा पैसों में मिलती थी, आज यहां से किताबें लेने में फायदा हुआ है।
छात्र आर्यन ने कहा पुस्तक मेले से चार सेट खरीदे हैं, दो कक्षा छठवीं के, एक कक्षा आठवीं का और एक कक्षा तीसरी का। पिछले साल किताबे लगभग 18 हजार रुपए की ली थी, आज यहां पर लगभग 5200 की किताबें मिली है।

मनीष कुमार सोनी ने कहा बेटी के लिए पुस्तक मेले से किताबें खरीदी है, किताबें खरीदने में करीब 8000 रूपये का फायदा हुआ है पिछले साल गुरु नानक स्कूल की किताबें करीब 9500 रूपये में खरीदी थी, इस बार 1765 रुपए कि आई है। इसके लिए कलेक्टर सर का धन्यवाद करना चाहता हूं उन्होंने यह जो मेला आयोजित किया है।
गीता आहूजा ने कहा आज यहां पर बच्चों की बुक्स लेने आई हूं, यहां से जो प्रॉफिट मिला है उससे बहुत खुश हूं, क्योंकि पहले बुक काफी महंगी मिलती थी। इस बार कलेक्टर सर ने जो यह मेला आयोजित किया है उससे हम लोग बहुत खुश हैं। यहां से बहुत ज्यादा लाभ हुआ है जो किताब पहले हजारों में लेते थे, वह सिर्फ आज 200 रूपये में मिली है। इसके लिए कलेक्टर सर का बहुत-बहुत धन्यवाद।
दमोह के रामचंद्र गोवानी ने कहा भतीजे के लिए किताबें खरीदी है, यहां से किताब खरीदने में बहुत फायदा है, पहले 2000 से 4000 लगते थे अब सिर्फ 250 रूपये में काम हो गया है, इसके लिए कलेक्टर सर को बहुत-बहुत धन्यवाद। खड़ेरी से आए दीपक मिश्रा ने कहा मध्य प्रदेश शासन ने पुस्तक मेला लगाया है इससे सभी अभिभावकों को बहुत ही फायदा मिल रहा है। इसके लिए मध्य प्रदेश शासन को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।
मनोज तिवारी ने कहा मेरा बेटा गुरु नानक स्कूल की कक्षा सातवीं में पड़ता है यहां पर पुस्तकों का मेला लगा है, यहां शासन-प्रशासन के द्वारा गाइडलाइन तैयार की गई है जिससे जनता को बहुत ही लाभ मिल रहा है, जो पुस्तक लगभग 8000 रूपये की आती थी, वे 500 से 600 रूपये की मिल रही है, लगभग 7000 रूपये का फायदा हुआ है। इसके लिए कलेक्टर सर का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं उनके मार्गदर्शन में इस मेले का शुभारंभ हुआ है।
मंजू जैन ने कहा पुस्तक मेले में आकर बहुत अच्छा लगा है, यहां से पुस्तक लेने में बहुत बेनिफिट मिला है, जो सेट पहले 8 से 10 हजार रुपए का आता था वह एक से डेढ हजार रुपए के बीच में मिल रहा है। इसके लिए कलेक्टर सरकार बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। अमित जैन ने कहा मेरी बेटी कक्षा छठवीं में पढ़ती है कलेक्टर सर के द्वारा उठाया यह कदम अत्यंत लाभकारी है, जिसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। यहां से कक्षा छठवीं का सेट और रजिस्टर लगभग 890 में प्राप्त हुए हैं, पिछले वर्ष कक्षा पांचवी का सेट लगभग 5 से 6 हजार के बीच में लिया था इसके लिए कलेक्टर सरकार बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं आगे भी ऐसे ही कदम उठाते रहे इंद्र श्री गारमेंट्स के संचालक नरेन्द्र जैन ने कहा यह राज्य शासन का बहुत अच्छा प्रयास है की एक ही छत के नी
