पलक्कड़। पिछले तीन साल से फरार शमनाद और पीएफआई नेताओं के सानिध्य में पहचान छिपाकर रह रहा था। आधिकारिक बयान में कहा गया कि शमनाद कई अन्य मामलों में भी आरोपी था और एनआईए की फरार ट्रैकिंग टीम के लगातार प्रयासों के बाद उसे एर्णाकुलम से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी कथित रूप से प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के संरक्षण में था और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेता श्रीनिवासन की जघन्य हत्या के बाद से गुप्त पहचान के साथ रह रहा था। बयान में दावा किया गया कि सितंबर 2022 में दर्ज मामले में एनआईए की जांच से पता चला है कि हत्या की साजिश कथित तौर पर पीएफआई नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से रची गई थी।केरल के पलक्कड़ में 2022 में हुई आरएसएस नेता श्रीनिवासन की हत्य मामले में एनआईए को बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने केरल के मलाप्पुरम के मंजेरी निवासी हत्या के आरोपी शमनद ई उर्फ शमनद इल्लीकल को गिरफ्तार कर लिया है। इल्लीकल पर एनआईए ने सात लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
एनआईए लंबे समय से उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। वह कई अन्य मामलों में भी वॉन्टेड था। जानकारी के मुताबिक एनआईए ने शमनाद को पकड़ने के लिए खुफिया जाल बिछाया था। एर्नाकुलम में कई बार एनआईए ने छापे डाले हालांकि वह पकड़ में नहीं आ रहा था। शमनाद पहचान छिपाकर देश में सांप्रायिक हिंसा की साजिश रच रहा था।
