
धार-खंडवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई : 48 घंटे में दबोचे गए बदमाश, 1.35 करोड़ की संपत्ति जब्त
धार/इंदौर । धार और खंडवा जिलों में फर्जी आयकर अधिकारी बनकर डकैती डालने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। धार और खंडवा की संयुक्त पुलिस टीमों ने मात्र 48 घंटे के भीतर घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड सहित गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लूटे गए सोने के आभूषण, नकदी और वारदात में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 1 करोड़ 35 लाख 57 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। गिरोह के सदस्य पहले संपन्न परिवारों और उनके मकानों की रेकी कर लोकेशन और घर में मौजूद संपत्ति की सटीक जानकारी जुटाते थे। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घर में प्रवेश करते और परिजनों को डरा-धमकाकर बंधक बना लेते थे। 12 मार्च को खंडवा के पामाखेड़ी और 13 मार्च को धार के बाग थाना क्षेत्र में इसी तरह फर्जी रेड डालकर आरोपियों ने डकैती की वारदातों को अंजाम दिया था। इन दोनों ही घटनाओं में एक ही काली स्कॉर्पियो वाहन का उपयोग किया गया था, जिससे पुलिस को गिरोह के तार जोड़ने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
:: जंगल में वाहन छोड़ भागे बदमाश, वर्दी भी मिली ::
पुलिस की सक्रियता और सघन नाकाबंदी देखकर आरोपी डकैती का सामान लेकर भागते समय अपनी गाड़ी को सुनसान जंगल में छोड़कर फरार हो गए थे। वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को उसमें से पुलिस की वर्दी और वाहन मालिक शहजाद के दस्तावेज मिले, जो इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड निकला। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आबिद, अय्यूब शाह, दिनेश, दिलीप अहिरवार, शहजाद, रमेश, राजा उर्फ अब्दुल गफ्फार और नरसिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में संजय शर्मा, नसीर और रणजीत जैसे मुख्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार धार की वारदात में 14 और खंडवा में 16 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 10 सदस्य दोनों घटनाओं में समान रूप से सक्रिय पाए गए हैं। आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग, डीआईजी मनोज कुमार सिंह और डीआईजी खरगोन सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस आरोपियों से प्रदेश के अन्य जिलों में हुई वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
