बगैर कार्य कराये फर्जी ई- बिल तैयार करके एसएपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से करोड़ो रूपये के फर्जी भुगतान

भोपाल। पुलिस महानिदेशक, लोकायुक्त भोपाल योगेश देशमुख के निर्देश में एवं पुलिस उप महानिरीक्षक, मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग, भोपाल की कार्यवाहीः-
आवेदक के द्वारा अनावेदकगण गुणवंत सेवितकर अपर आयुक्त (वित्त) एवं अन्य कर्मचारी/अधिकारीगण नगर निगम भोपाल के विरूद्ध एक शिकायत आवेदन पत्र विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में प्रस्तुत कर शिकायत किया गया कि नगर निगम भोपाल में पदस्थ गुणवंत सेवितकर अपर आयुक्त वित्त के द्वारा अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर नगर निगम भोपाल में केन्द्रीय कर्मशाला / मोटर वर्कशॉप में गाड़ियो के रंग, अन्य मरम्मत कार्य, जल कार्य विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के बगैर कार्य कराये फर्जी ई- बिल तैयार करके एसएपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से करोड़ो रूपये के फर्जी भुगतान किये गये है। बिलों में हेरफेर कर विभिन्न मद और नये मद बनाकर, बिना काम कराये गये काम की राशि अपने परिचितों एवं रिश्तेदारों की बनायी गई फर्मों में स्थानांतरित करते हैं। फर्जी बिलों का भुगतान कर कमीशन राशि प्राप्त करते हैं। निगम द्वारा संचालित वाहनों की मरम्मत के फर्जी बिल बनाकर भुगतान कर कमीशन लेते हैं।
उक्त शिकायत का सत्यापन दुर्गेश राठौर, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त भोपाल द्वारा कराया गया। शिकायत सत्यापन पर संज्ञेय अपराध की सूचना पाये जाने पर अनावेदकगण गुणवंत सेवितकर, अपर आयुक्त वित्त नगर निगम भोपाल एवं अन्य के विरूद्ध अपराध धारा 7 भ्र०नि०अधि० 1988 (संशो० 2018), 420, 467, 468, 471, 120 बी, भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। माननीय न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर नगर निगम भोपाल के सर्वर सेन्टर की सर्च की जाकर एसएपी सॉफ्टवेयर की हार्डडिस्क को जप्त किया जाकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
सर्च टीम में उप पुलिस अधीक्षक बी०एम० द्विवेदी, उप पुलिस अधीक्षक आर०के० सिंह, निरीक्षक कवीन्द्र सिंह चौहान, निरीक्षक रजनी तिवारी एवं सायबर टीम के सदस्य शामिल रहे।
