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इन्दौर। जैन समाज से जुड़े पारिवारिक विवादों की सुनवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद कुटुंब न्यायालय में पुनः शुरू हो गई है। कुटुंब न्यायालय ने विवादों की सुनवाई उसी स्टेज से पुनः शुरू की है जिस स्टेज पर इन्हें निरस्त किया था। जैन समाज के मामलों की सुनवाई दोबारा शुरू होने से उन पक्षकारों को राहत मिलेगी, जिनके प्रकरण अटक गए थे। बता दें कि इसके पूर्व कुटुंब न्यायालय ने जैन समुदाय से जुड़े पारिवारिक मामलों को यह कहते हुए कि चूंकि जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित किया जा चुका है, इसलिए इस समुदाय से जुड़े पारिवारिक विवादों की सुनवाई हिंदू विवाह अधिनियम के तहत नहीं की जा सकती, सुनने से इन्कार कर दिया था। कुटुंब न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ पक्षकारों ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। इसे स्वीकारते हुए हाई कोर्ट ने तय किया कि जैन समुदाय के पारिवारिक विवाद हिंदू विवाह अधिनियम के तहत ही सुने और निराकृत किए जाएंगे। जिसके बाद कुटुम्ब न्यायालय में पुनः सुनवाई प्रक्रिया शुरू हो गई है। एडवोकेट पंकज खंडेलवाल के अनुसार जब कुटुंब न्यायालय की इन्दौर खंडपीठ ने जैन समाज के मामलों की सुनवाई से इन्कार करते हुए प्रकरण खारिज किया था। तब उनके इस फैसले के बाद सभी खंडपीठ में जैन समाज से जुड़े मामलों की सुनवाई अटक गई थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब सभी प्रकरणों में सुनवाई दोवारा शुरू हो गई है।अब जैन समाज से जुड़े पारिवारिक विवाद कुटुंब न्यायालय में ही पहले की तरह ही सुने जा रहे हैं।

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