पूर्व में दर्ज 35 आपराधिक प्रकरणों के आधार पर अभियोजन द्वारा जमानत का विरोध

दमोह ! अपर सत्र न्यायाधीश श्री संतोष गुप्ता की अदालत ने गौवध एवं सोशल मीडिया पर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले वीडियो को साझा करने के आरोपी पप्पू उर्फ राजा कुरैशी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन की ओर से शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर ने प्रभावी रूप से पक्ष रखते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व से ही 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 मामले म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित हैं,साथ ही यह भी बताया गया कि आरोपी ने पूर्ववर्ती मामलों में न्यायालय द्वारा प्रदत्त जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।
घटना का विवरण:
दिनांक 7 मार्च 2025 को कोतवाली पुलिस को सीताबावली मरघटा क्षेत्र में फायरिंग की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना मिली कि कल्लू उर्फ शमशेर कुरैशी के घर पर अवैध रूप से गाय का वध किया गया है। घर के भीतर से कटी हुई गाय के अंग, खून लगे औजार (कुल्हाड़ी, चाकू, आरी) बरामद किए गए।
पुलिस द्वारा की गई तत्काल कार्रवाई में कल्लू, उसकी पत्नी रेखा, सादाब, समीर और नवाजिश को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में यह सामने आया कि पप्पू उर्फ राजा कुरैशी एवं शफीक निवासी बजरिया वार्ड क्रमांक 1 भी इस अवैध कृत्य में संलिप्त थे, जो आवारा गायों को पकड़कर उनका वध कर मांस विक्रय में सहयोग करते थे।
न्यायालय की टिप्पणी:
न्यायालय ने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी द्वारा संगठित रूप से गौवध किया गया एवं उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर समाज में वैमनस्यता फैलाने का प्रयास किया गया। आरोपी के विरुद्ध पूर्व दर्ज गंभीर मामलों को देखते हुए यदि उसे जमानत दी जाती है, तो उसके पुनः अपराध करने की प्रबल संभावना बनी रहती है। अतः उसकी जमानत याचिका अस्वीकार की जाती है।
