प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और पीसीसी चीफ ने जेल में चिंटू चौकसे से की मुलाकात

इन्दौर। मारपीट के एक प्रकरण में धारा 307 लगाएं जाने के बाद सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस पार्षद और इन्दौर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुलाकात की। उन्होंने चौकसे से कहा कि आपके साथ पूरा कांग्रेस परिवार है। हम न्याय की लड़ाई कानून के साथ-साथ सड़क पर भी लड़ेंगे।
चिंटू चौकसे से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एसपी, कलेक्टर, टीआई या पुलिस विभाग, सभी बीजेपी की दिहाड़ी पर काम कर रहे हैं। ये न्याय नहीं कर रहे, बल्कि बीजेपी की नौकरी कर रहे हैं। इन लोगों को अपनी कुर्सी इतनी प्यारी है कि सर्विस बुक के नियम तक भूल गए हैं। पटवारी ने सवाल उठाते कहा, चिंटू चौकसे का कोई वीडियो ऐसा सामने नहीं आया है, जिसमें वह किसी को मारते हुए दिखे हों। वह तो समझाते हुए नजर आए हैं। फिर भी उनका नाम एफआईआर में डाला गया, यह अगर राजनीतिक द्वेष नहीं है तो क्या है? चौकसे का भतीजा अब भी अस्पताल में भर्ती है और बेहोश है। फिर दोनों के खिलाफ एकसाथ एफआईआर क्यों की गई? दोनों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने जेल में चिटूं चौकसे से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा में कहा कि, चिंटू चौकसे के खिलाफ राजनीतिक द्वेष भावना के चलते मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ऐसा ही माहौल पूरे मध्यप्रदेश में है। कांग्रेस परिवार चिंटू चौकसे के साथ खड़ा है। बीजेपी के नेता और पदाधिकारी जो कर रहे हैं, वह पूरा प्रदेश देख रहा है। चौकसे के भतीजे को भी गंभीर चोटें आई हैं। यह झगड़ा जानबूझकर किया गया है। सत्ता के अहंकार में ये लोग मानवता भी भूल गए। हम यह लड़ाई सिर्फ कोर्ट में नहीं, सड़क पर भी लड़ेंगे। चौकसे पर दर्ज पूरा मुकदमा ही गलत है। 307 (हत्या के प्रयास) का यह मामला जानबूझकर रचा गया है।
इसके पहले कल रात पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह भी हॉस्पिटल में चिंटू चौकसे के भतीजे से मिलने पहुंचे थे। इसी विवाद और झगड़े में चौकसे के भतीजे को गंभीर चोटें आई हैं।
