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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा करते हुए कहा है कि प्रयागराज का महाकुंभ कोई धार्मिक आयोजन नहीं था। बल्कि एक राजनैतिक आयोजन के लिए बड़ी तैयारियां की गई थी। सब कुछ ठीक रहता तो इसी महाकुंभ में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री के तौर पर उम्मीदवार घोषित कर दिया जाता। इस तरह की प्लानिक काफी पहले कर ली गई थी।
अखिलेश ने यह भी दावा किया कि कुछ राजनैतिक कारणों के कारण भाजपा का यह मंसूबा पूरा नहीं हो पाया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए यादव ने कहा कि वह वक्फ (संशोधन) कानून के जरिए माफिया की तरह जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है।यादव ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) राज्य से भाजपा को उखाड़ फेंकेगा। जब उनसे इंडिया गठबंधन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दोहराया, गठबंधन है और रहेगा। उन्होंने कहा, भाजपा वक्फ संशोधन कानून लेकर आई है ताकि वह जमीन छीन सके। जहां भी उन्हें जमीन दिखती है, वे उस पर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने भाजपा को भू-माफिया पार्टी करार दिया। यादव ने सत्तारूढ़ पार्टी पर नोटबंदी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के जरिए लोगों का पैसा छीनने और आरक्षण के अधिकार को कम करने का आरोप लगाया।
राणा सांगा पर सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा जो इतिहास एक दूसरे को ऊंचा-नीचा दिखाए, जो इतिहास हमारी प्रगति को रोकता हो, उस इतिहास को इतिहास ही रहने देना चाहिए।सपा प्रमुख ने संवाददाता सम्मेलन में प्रयागराज महाकुंभ 2025 को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर स्वयं द्वारा दिए गए सुझावों को एक पुस्तिका के रूप में तब्दील कर पत्रकारों को उपलब्ध कराया। साथ ही उन्होंने 2013 में हुए प्रयागराज कुंभ मेले को लेकर हावर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई। अखिलेश यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने प्रयागराज आए थे।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि सरकार ने घटना के दौरान हताहतों की संख्या और वित्तीय लाभ के बारे में गलत आंकड़े दिए, और आरोप लगाया कि जनवरी में भगदड़ के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी विफल रही। उन्होंने कहा, भाजपा सच्चे आंकड़े छिपाने और झूठे आंकड़े दिखाने में माहिर है। भाजपा की पूरी सरकार प्रोपेगेंडा पर चल रही है। इस डिजिटल कुंभ में सरकार ने कोई भी डेटा कुछ ही सेकेंडों में उपलब्ध कराने की बात कही थी। ड्रोन से पूरी निगरानी के दावे किए गए थे।
यादव ने कहा, जिस समय (भगदड़ के समय) ड्रोन और सीसीटीवी की सबसे अधिक जरूरत थी, उस समय ये या तो बंद थे या बंद करा दिए गए थे। इन्होंने संगम नोज पर भगदड़ में मारे गए लोगों की सही संख्या नहीं बताई और मौत के कारण बदलने के लिए परिजनों पर दबाव बनाया।

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