
दमोह ! एक लकवाग्रस्त महिला 18 अप्रैल को जीआरपी पुलिस सागर को रेलवे स्टेशन पर मिली थी, जिसे पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए जिला अस्पताल सागर के वार्ड- 5 में भर्ती किया था, जो अपना नाम नहीं बता पा रही थी. सिर्फ उसके द्वारा अपना पता पथरिया (असलाना) दमोह का होना बताया गया. जब इस संदर्भ की पोस्ट दमोह पुलिस को मिली, तो पुलिस ने मीडिया के माध्यम से सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कराई. जहां परिजन सागर पहुंचे. वहां बिछड़ी मां से मिले. बताया गया कि यह महिला चोटिल स्थिति में जीआरपी सागर को रेलवे स्टेशन सागर पर मिली थी, जिसे जीआरपी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराकर, सूचना वन स्टॉप सेंटर को दी गई.सूचना पर त्वारित कार्रवाई करते हुए वन स्टॉप सेंटर की टीम अस्पताल पहुंची और महिला की काउंसलिंग कर महिला के कुछ भी बताने में असमर्थ थी, अगले दिन पुनः वन स्टाफ सेंटर की टीम द्वारा महिला से बात की गई.तब महिला ने बताया कि उसे लकवा लग गया था, तभी से उसे कुछ याद नहीं रहता है. वह अपना नाम बताने में असमर्थ थी, उसने दूसरे दिन अपने आप को दमोह का होना बताया,वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिला की फोटो दमोह पुलिस को दी गई ! महिला की फोटो जिले के सभी ग्रुप में भेजी गई. जिससे महिला के परिजनों द्वारा महिला की पहचान की गई, जिससे महिला का पारिवारिक पुनर्वास हो सका. गुमशुदी मां मिलने पर परिजनों ने वन ऑफ सेंटर सागर, जीआरपी सागर और दमोह पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा, सीएसपी अभिषेक तिवारी, टीआई कोतवाली मनीष कुमार और भी पुलिस बल का धन्यवाद ज्ञापित किया!
