
दमोह ! न्यायालय श्रीमान उदय सिंह मरावी, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) ने हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है
*घटना अनुसार गणेश खटीक द्वारा दिनांक-11.01.2012 को आरक्षी केंद्र कोतवाली में रिपोर्ट लेखबद्ध कराई गई कि रात करीब 08:45 बजे उसके घर के पास तिगड्डे पर अशोक चक्रवर्ती व पवन चक्रवर्ती शराब के नशे में गाली-गलौच कर रहे थे, जिस पर उसके बड़े भाई जगदीश (मृतक) ने गाली-गलौच करने से मना किया तो वे लोग उन्हें भी गाली देने लगे। आवाज सुनकर वह घर के बाहर आया और समझाया, तो वे लोग नहीं माने और कहने लगे कि तुम्हारे भाव बढ़ गये हैं, अभी देखते हैं। इतना कहकर वे लोग अपने घर तरफ चले गये एवं थोड़ी देर में अशोक, पवन, प्रेम, परसू, विनोद, कप्पी, कृपाल व मनोज आ गये। अशोक अपने हाथ में कट्टा लिये था, पवन डण्डा, प्रेम फरसा, परसू व विनोद तलवार व बाकी लोग डण्डा लिये थे, सभी लोग मारपीट करने लगे तथा उसी समय उसके भाई जग्गू और गोविंद गये थे, उनके साथ भी मारपीट की गई। अशोक चक्रवर्ती ने उसके भाई जगदीश के सीने पर कट्टा लगाकर जान से मारने को फायर किया, जिससे गोली भाई जगदीश को सीने में लगी तथा वे वहीं गिर गये, उसे मारपीट में बायें हाथ में डण्डे की चोट व सिर में भी डण्डे की चोट आई है। भाई गोविंद को बायें हाथ की हथेली, बायीं आंख में व बायें हाथ में चोट आई। उसके भाई जग्गू को भी बायें घुटने व गर्दन में मारपीट से चोटें आई हैं। जगदीश को अस्पताल लेकर आये तो डॉक्टर साहब ने जगदीश को सीने में गोली लगने के कारण मृत बताया। फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त अशोक कुमार चक्रवर्ती एवं अन्य सह-अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध कमांक-24/2012, अंतर्गत धारा-147, 148, 149, 302, 323 भारतीय दण्ड संहिता, धारा-25/27 आयुध अधिनियम एवं धारा-3(2)(v) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में आई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर माननीय न्यायालय ने चारों आरोपी को आजीवन कारावास से दंडित किया । मामले में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी श्री धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सतीश कपस्या द्वारा की गई एवं विवेचना तत्कालीन डीएसपी श्रीकांत द्विवेदी एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के द्वारा की गई।
