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ओंकारेश्वर में 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन

दमोह : प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में अभय घाट पर स्थित कार्यक्रम में आदि गुरु शंकराचार्य की मूर्ति का जल, दूध से अभिषेक किया। साथ ही मां नर्मदा में पूजा अर्चना कर चुनरी चढ़ाई। आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि, ओंकारेश्वर में  पंच दिवसीय “एकात्म पर्व” आचार्य शंकर के प्रकटोत्सव के अवसर पर एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान किया गया, जिसके पश्चात भव्य शोभायात्रा नर्मदा स्थित अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न हुई। इस दौरान राज्यमंत्री श्री लोधी भी शोभायात्रा में शामिल हुए।

            इसके पश्चात राज्यमंत्री श्री लोधी एकात्म धाम पहुंचकर आचार्य शंकर प्रकटोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। आचार्य शंकर प्रकटोत्सव एकात्मक पर्व के कार्यक्रम में पहुंचकर आदि गुरु शंकराचार्य के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं फूल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।   कार्यक्रम में विभिन्न संत उपस्थित थे, जिसमें स्वामी वेदतत्त्वानन्द पुरी, मां पूर्णप्रज्ञा जी, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र मिश्रा द्वारा शंकर प्रकटोत्सव एकात्मक पर्व पर व्याख्यान दिये गये। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के डॉ. मनीष पाण्डे द्वारा सभी अतिथियों को शॉल एवं आदि शंकराचार्य जी के जीवन पर आधारित पुस्तक और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनको सम्मानित किया।

            कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री लोधी ने बताया आज हम इस पुण्यभूमि पर एकत्रित हुए हैं, जहाँ आदि शंकराचार्य जी ने ज्ञान और आत्मबोध की ज्योति प्रज्ज्वलित की थी। म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम के उन्न्यन का कार्य चार चरणों में किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना की गई है, द्वितीय चरण में आचार्य शंकर के जीवन दर्शन पर आधारित संग्रहालय, अद्वैतलोक हेतु अतिशीघ्र निविदा जारी की जा रही है। जिसमें उनके जीवन दर्शन का विभिन्न तकनीकियों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाने का कार्य किया जाएगा। तृतीय चरण में अद्वैत वेदांत दर्शन के अध्ययन, शोध एवं विस्तार हेतु आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना की जाएगी, यह संस्थान अद्वैत वेदांत दर्शन का संदर्भ केन्द्र होगा। चौथे और अंतिम चरण में शंकर निलयम आवासीय परिसर का निर्माण किया जायेगा। यह धाम देश ही नहीं बल्कि विश्व को मार्गदर्शन देगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री लोधी ने कहा कि आप किसी भी रास्ते से जाओगे परमपिता परमेश्वर ही मिलेंगे आपने “वसुधैव कुटुंबकम” के बारे में बताते हुए कहा कि सनातन धर्म में सबको लेकर चलने की परंपरा है, और उसके अनुसार सभी को सुखी रखने के लिए सनातन धर्म ही है। राज्यमंत्री ने गुरुकुल की परंपरा के बारे में बताया तथा गुरुकुल के बच्चों की तारीफ करते हुए कहा कि यहाँ की शिक्षा पद्धति हमारे पूर्वजों की देन है, परंतु आजकल बच्चों को जो शिक्षा दी जा रही है, उसमें बच्चे अपने पूर्वजों का गौरवशाली इतिहास भूल रहे हैं। आजकल के बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़कर ऐसी बातें करते हैं जैसे वह तोतला रहे हों।

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