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कलेक्टर गुना के रीडर पर गंभीर आरोप, जांच की मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंची महिला

गुना | कलेक्ट्रेट में पदस्थ कलेक्टर के रीडर सुधीर कुमार संत पर शासकीय सेवा में फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। मंगलवार को अनुपमा बैरागी नामक महिला ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर सहित शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों को संबोधित आवेदन सौंपा और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। अनुपमा ने अपने आवेदन में बताया कि उनके पिता स्व. पुरूषोत्तम दास संत की सेवाकाल में ही मृत्यु हो गई थी। वे कलेक्ट्रेट गुना में क्लर्क पद पर पदस्थ थे। उनकी एकमात्र संतान अनुपमा हैं, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद सुधीर कुमार संत ने स्वयं को उनका उत्तराधिकारी बताते हुए फर्जी तरीके से शासकीय सेवा प्राप्त कर ली।
अनुपमा के अनुसार, सुधीर कुमार संत ने इस उद्देश्य से उनका और उनकी दिवंगत मां रामरतिबाई का फर्जी शपथ पत्र तैयार कर प्रस्तुत किया, जबकि उस समय वे महज 17-18 वर्ष की थीं और कभी भी सुधीर कुमार संत की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं रहीं। उन्होंने यह भी कहा कि नियुक्ति फाइल की किसी भी पत्रिका पर न तो उनके और न ही उनकी मां के हस्ताक्षर हैं। प्रार्थिया ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत जब उन्होंने दस्तावेज मंगवाए, तब जाकर पूरी सच्चाई सामने आई। अब उन्होंने इस फर्जीवाड़े की शिकायत करते हुए दोषी सुधीर कुमार संत के विरुद्ध पुलिस व विभागीय कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण सामने आने के बाद अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीडि़ता ने संलग्न दस्तावेजों के साथ कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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