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सिलाई मशीन और ईंट- भट्टी से हो रही आय स्वसहायता समूह से जुड़ने से आया जीवन में बदलाव
नरसिंहपुर। घर में सुख- सुविधाओं के साथ जीवन यापन करने का सपना सभी का होता है। इसके लिए स्वयं का अच्छा व्यवसाय और इससे अच्छी आय होना जरूरी होता है। यही व्यवसाय किसी की पहचान समाज में बन जाये, तो वह अविश्वसनीय सा लगता है। जिले की चांवरपाठा विकासखंड के ग्राम भामा की श्रीमती मीना प्रजापति ने वो कर दिखाया, जो उनके परिवार के सदस्यों ने कभी सोचा भी नहीं था। पहले उनके पति मजदूरी करके घर का भरण- पोषण करते थे, लेकिन इतने से घर परिवार की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते थे और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मजदूरी के अलावा घर में कोई और दूसरा आय का जरिया नहीं था। आजीविका मिशन के आने से श्रीमती मीना प्रजापति के जीवन में ना सिर्फ़ बदलाव आया, बल्कि इससे उनकी गरीबी ख़त्म हुई और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायक सिद्ध हुआ। श्रीमती मीना प्रजापति लक्ष्मी स्वसहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने स्वसहायता समूह की मदद से सिलाई मशीन खरीदी और इससे सिलाई का काम शुरू किया। इसके अलावा अपने पति को अच्छा व्यवसाय करने के लिए ईंट- भट्टे का स्वरोजगार भी स्थापित भी कराया। स्वयं आत्मनिर्भर बनकर अपने पति को भी आत्मनिर्भर बना दिया। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती प्रजापति की जिंदगी में आये बदलावों की कुछ बानगी देखिये। पहले घर चलाने में परेशानी थी, घर में सुख- सुविधायें कम थी। अब उनके परिवार का रहन- सहन का स्तर भी सुधरा। साथ ही अब वे सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। वे गांव की दूसरी महिलाओं के लिए मेहनत और सरकार की मदद से आगे बढ़ने की प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण के साथ- साथ लखपति दीदी बन गई हैं।

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