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एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये से अधिक जुर्माने की सजा बरकरार

दमोह – जिला न्यायाधीश श्री संतोष गुप्ता की अदालत ने अवैध शराब परिवहन के प्रकरण में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए चार आरोपियों की अपील को खारिज करते हुए, दी गई सजा को उचित माना है। उक्त अपील को खारिज करते हुए न्यायालय ने एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये से अधिक के अर्थदंड की सजा को यथावत रखा। मामले में शासन की ओर से सशक्त पक्ष रखकर पैरवी शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा की गई। घटना 17 अगस्त 2017 की है जब नरसिंहगढ़ पुलिस चौकी को मुखबिर से सूचना मिली कि इमलाई से एक इंडिका कार में अवैध शराब ले जाई जा रही है। तत्समय पुलिस ने नरसिंहगढ़ रोड पर कोपरा पुल के पास घेराबंदी कर कार को रोका। तलाशी में कार से 20 खाकी रंग के कार्टूनों में लगभग 90 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद हुई। कार में सवार चार आरोपियों – माधव पिता घनश्याम लोधी(42) निवासी ग्राम धौराज, पुष्पेंद्र पिता महिपाल लोधी(30) ग्राम जेरठ, देवी सिंह पिता मुन्ना लोधी(32) ग्राम जेरठ, एवं छोटू उर्फ सुरेंद्र लोधी पिता भगवानसिंह लोधी(22) ग्राम पिपरौधा छक्का को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण की सुनवाई में माननीय न्यायालय ने सभी साक्ष्यों एवं तर्कों का गहन परीक्षण करते हुए आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। आरोपियों द्वारा जिला न्यायालय में सजा के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की गई थी, जिसे अब जिला न्यायालय ने खारिज कर दिया। अपील में शासन की ओर से तर्क देते हुए शासकीय अभिभाषक श्री ठाकुर ने बताया कि विचारण न्यायालय द्वारा सभी साक्ष्यों का सम्यक परीक्षण कर दोष सिद्धि की गई थी। न्यायालय ने माना कि अवैध शराब के बढ़ते प्रकरण समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु कठोर दंड आवश्यक है।

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