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दमोह। जिले में मातृ-मृत्यु के प्रकरण संज्ञान में आने पर कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष सुधीर कुमार कोचर द्वारा निरंतर रूप से प्रकरण की गहन समीक्षा की जाती है। ऐसे ही एक मामले में 15 मार्च 2025 को ग्राम गैसाबाद विकासखंड हटा निवासी शायबा बी पत्नि फारूक खान उम्र 20 वर्ष की मातृ-मृत्यु की समीक्षा में संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ डाँ. गीताजंली सिद्दम की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण कलेक्टर की अनुशंसा पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मानव संसाधन मैन्यूअल 2025 के प्रावधानों के तहत डाँ. गीताजंली सिद्दम की संविदा सेवायें तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई। ज्ञात हो कि ग्राम गैसाबाद विकासखंड हटा निवासी शायबा बी पत्नि फारूक खान उम्र 20 वर्ष की कलेक्टर द्वारा मातृ-मृत्यु की गहन समीक्षा में उक्त मातृ-मृत्यु प्रकरण की केशशीट में ओवर राईटिंग, कूट रचना पाये जाने पर कलेक्टर श्री कोचर ने मामले की पूरी पडताल के लिए एक जांच समिति गठित की। जांच समिति ने पाया कि डाँ. गीताजंली सिद्दम द्वारा समय पर ईलाज न करने पर उनके द्वारा कार्य के प्रति की गई लापरवाही से श्रीमति शायबा बी की मृत्यु हुई है। डाँ. सिद्दम ने अपने बचाव के लिए केशशीट पर मरीज की मृत्यु के बाद समस्त नोट अंकित किये, उन्होने ऑन कॉल डियूटी पर रहते हुए भी स्टॉफ नर्स के फोन कॉल का जबाब नहीं दिया और अस्पताल में देर से पहुँचीं। जांच समिति की रिपोर्ट और जिला कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर संबंधित प्रकरण को राज्य स्तर पर समुचित कार्यवाही हेतु भेजा गया। राज्य स्तर पर प्रकरण की सुनवाई में भी डाँ. सिद्दम द्वारा कार्य स्थल पर कार्य के प्रति लापरवाही एवं गैर जिम्मेदार होने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मानव संसाधन मैन्यूअल 2025 के प्रावधानों के तहत डाँ. गीताजंली सिद्दम की संविदा सेवायें तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई।

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