कहा- यही मुद्दा बचा है, आरोपी को दे दी जमानत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत याचिका को 27 बार टालने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट पर नाराजगी जताई और आरोपी को जमानत दे दी। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सवाल किया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामले में हाईकोर्ट कैसे जमानत याचिका की सुनवाई को 27 बार स्थगित कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी लक्ष्य तंवर को जमानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मामला खत्म कर दिया।
इसके साथ ही सीबीआई को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा कि इस मामले में केवल यही मुद्दा बचा है कि हाईकोर्ट ने बार-बार सुनवाई टाली। कोर्ट ने कहा कि आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट किसी मामले की सुनवाई टलने पर याचिका स्वीकार नहीं करता। व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामले में हाई कोर्ट से अपेक्षा नहीं की जाती कि वह मामले को लंबित रखे और 27 बार स्थगित करें।
बता दें हाईकोर्ट ने 20 मार्च को जमानत याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी थी और ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करे, इसके बाद याचिका पर पुनर्विचार किया जाएगा। याचिकाकर्ता लक्ष्य तंवर पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने यह भी उल्लेख किया था कि लक्ष्य तंवर के खिलाफ पहले से 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही सीबीआई को निर्देश दिया गया था कि वह शिकायतकर्ता संजय कुमार यादव की उपस्थिति तय करे ताकि आगे देरी न हो।
