
आज शनि जयंती पर होगी विशेष पूजा अर्चना
जबलपुर। न्याय के देवता, सूर्य पुत्र शनि की जयंती मंगलवार 27 मई को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जायेगी। इस अवसर पर नगर के शनि मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के आयोजन किये गये। शनिदेव को न्याय का देवता भी कहा जाता है वे लोगों के कर्म के हिसाब से उसका फल प्रदान करते है। पिछले कुछ वर्षो से शनि जयंती के आयोजन में लोगों की आस्था बढ़ने से भव्य आयोजन होने लगे है।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर शनिदेव का जन्म उत्सव मनाया जाता है, जो शनि जयंती के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन शनि भक्ति शनि ढैय्या, साढे साती, महादशा या कुण्डली में बने शनि के बुरे प्रभाव से मिले दुःख दरिद्र, कष्ट, संताप, संकट को दूर करने के लिए बहुत असरदार मानी गई है। शास्त्रों के मुताबिक शनिदेव पीड़ादायक ही नहीं, बल्कि भाग्य विधाता भी है। यही नहीं शास्त्रों में बताया गया है कि शनिदेव के परिवार के अन्य सदस्य भी हमारे सुख-दुख को नियत करते है। शनि जयंती के दिन मंदिरों में विशेष पूजन होंगे। शनि को प्रसन्न करने के लिए हमेशा नीला रूमाल रखे और प्रत्येक शनिवार को शनियंत्र पर तेल से उसका अभिषेक करें। बीमारी से मुक्ति न मिल रही हो तो बरगद के पेड़ में दूध डालकर 3 बार उसकी परिक्रमा करें और गीली मिट्टी से तिलक करें। शमशान में अपने वजन के बराबर लकड़ी दान करें। गौ-सेवा करें। काली उड़द के भजिये या बड़े काले कुत्तों को खिलाये। शनिवार को एक कटोरी सरसो के तेल में मुंह देखकर उसका दान करें। विवाह में बिलंब होने की स्थिति में काला काजल (सूरमा) जमीन में दबाएं। हनुमानजी पर चमेली के तेल में मिश्रित चोला चढ़ाये। इस पावन पर्व पर ऐसा करने पर शनिदेव प्रसन्न होंगे और आपके कष्टों का निवारण भी करेंगे।
शनि धाम तिलवारा घाट में महाअनुष्ठान ………….
श्री शनिधाम तिलवारा घाट स्थित प्राचीन शनि देव मंदिर में श्री शनि प्रकटोत्सव महापर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है । हर वर्ष अनुसार इस वर्ष भी जबलपुर के सबसे प्राचीन नर्मदा तट पर स्थित शनि धाम तिलवारा घाट में शनि देव महाराज की जयंती के अवसर पर पं सतीश महाराज, पं अनिल मिश्रा ने बताया कि प्रातः ब्रम्ह मुहूर्त में अभिषेक पूजन, 8 बजे से श्री राम चरित मानस पाठ बैठकी, महाभिषेक, श्रृंगार, महाआरती, भोग अर्पित किया जाएगा, सायं 5 बजे से महाभिषेक, पुष्प श्रृंगार, और विशेष रूप से वृंदावन धाम से आये महाराज दिन भर ताजे 56 भोग बनाकर अर्पित करेंगे, हवन और महाआरती होगी, 28 मई को प्रात: 8 बजे से श्रीराम चरित मानस विश्राम, सुंदर काण्ड पाठ हवन-यज्ञ आरती प्रसाद वितरण होगा। पं सतीश महाराज ने बताया कि शनि जयंती पर विशेष रूप से सरसों तेल से बना हुआ महाभोग भक्त जनों को दिन भर अनवरत वितरित किया जाएगा।
