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16 जून तक हर हाल में एसआईटी को रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करना है

जबलपुर। रानी दुर्गावर्ती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा पर एक महिला अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने के लगे आरोपों की जांच कर रही एसआईटी टीम फिलहाल जबलपुर से लौट गई| दरअसल 31 मई शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल आगमन हो रहा है| सुरक्षा व्यवस्था में एसआईटी टीम के सदस्यों की ड्यूटी लगी हुई है लिहाजा गुरुवार की सुबह यह टीम भोपाल रवाना हो गई| सूत्रों की माने तो 31 मई को प्रधानमंत्री का भोपाल दौरा होने के बाद सोमवार 2 जून को एसआईटी फिर जबलपुर पहुंचेगी और मामलें की जांच को आगे बढ़ायेगी| कहा जा रहा है कि कुलगुरु पर लगे आरोपों की जांच एसआईटी में शामिल सख्त आईपीएस अधिकारियों द्वारा की जा रही है जिसमें दो महिला अधिकारी भी शामिल हैं| यहां उल्लेखनीय है कि मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी ने जांच शुरु की थी, दो दिन तक एसआईटी जबलपुर में रही| इस दौरान कुलगुरु मामलें में गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए| जांच में किसी तरह की कोई गफलत न हो लिहाजा एसआईटी पूरी गंभीरता के साथ जांच कर रही है| पिछले दो दिनों में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम ने इस मामलें से जुड़े सभी तथ्यों पर जांच की गई| सूत्रों की माने तो रेलवे पुलिस के एसआरपी आफिस में एसआईटी की टीम ने इस मामलें से जुड़े सभी पक्षों को तलब कर पूछताछ शुरु कर दी| एसआईटी ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए| इस बीच प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में एसआईटी की डयूटी लगे होने के कारण एसआईटी में शामिल अधिकारी भोपाल के लिए रवाना हो गए| चूंकि रविवार अवकाश दिवस होगा, इसलिए सोमवार को पुन: एसआईटी सदस्य जबलपुर आकर मामलें की जांच को आगे गति देगी|
बताया गया है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) का गत दिवस नगर आगमन हुआ था| इस टीम ने एसआरपी आफिस को जांच स्थल बनाया, यही पर इस मामलें से जुड़े दोनों पक्षों और गवाहों को तलब कर पूछताछ की गई| एसआईटी की टीम द्वारा इस मामलें से जुड़े एक एक बिन्दु पर जांच कर रही हैं| मामलें को लेकर पूरी तरह से गंभीरता और गोपनीयता बरती जा रही हैं| इसलिए एसआईटी ने बजाय रादुविवि जाकर एसआरपी आफिस को जांच का केंद्र बनाया है यहीं पर सबको बुलाया जा रहा हैं| हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में एसआईटी काफी सख्त नजर आ रही है| पुलिस मुख्यालय अब इस मामलें में कोई भी लापरवाही बरतने से गुरेज कर रहा हैं|
उल्लेखनीय है कि रादुविवि की एक महिला अधिकारी ने कुलगुरु प्रो. वर्मा पर अभद्र इशारे करने के आरोप लगाते हुए एक शिकायत राजभवन,उच्च शिक्षा विभाग सहित अन्य पक्षों से की थी। महिला अधिकारी का आरोप था कि 21 नवंबर को कुलगुरु चेंबर में एक बैठक के दौरान उन्हें अभद्र इशारे किए गए। जिसे कुलगुरु के चेंबर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग में देखा जा सकता है। शिकायत कर्ता महिला अधिकारी ने सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से फुटेज दिए जाने की मांग भी की थी।
लेकिन जब लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो जांच की गई और न ही सीसीटीव्ही फुटेज दिए गए| तब जाकर मिले तो उक्त महिला अधिकारी ने मप्र हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की| हाईकोर्ट में जब इस बात की सुनवाई हुई तो मामला गंभीर हो गया और जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर इस घटनाक्रम में जांच को प्रभावित करने की बात सामने आई, जिस पर हाईकोर्ट ने जिरह के बाद एसआईटी गठित करने के निर्देश डीजीपी को दिए| हाईकोर्ट के निर्देश के बाद डीजीपी द्वारा गठित एसआईटी ने जांच शुरु कर दी है| आगामी 16 जून तक हर हाल में एसआईटी को रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करना है|

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